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राजस्थान: सरपंच और वार्ड पंचों के नतीजे घोषित, सियासी और रसूखदारों को मिली हार

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राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के लिए 5 नवंबर 2026 को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान संपन्न हो गए.  गुरुवार को प्रदेश के 27 जिलों की 3,716 ग्राम पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे. मतदाताओं में वोटिंग को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला. मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ था और शाम 6 बजे तक चला.

5 नवंबर को ही देर रात से दोनों पदों के लिए नतीजे भी घोषित होने शुरू हो गए. इस बार कई बड़े सियासी और रसूखदार परिवारों को इस बार के चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा है. कहीं मुकाबला दिलचस्प तो कहीं आगजनी-पथराव भी देखने को मिला.

कौन हारा कौन जीता?

सलूंबर से बीजेपी विधायक शांता मीणा का बेटा कपिल मीणा सरपंच का चुनाव हार गए हैं. कपिल मीणा पहले तीन स्थानों में भी जगह नहीं बना पाए हैं. इसी तरह उदयपुर से कांग्रेस विधायक दयाराम परमार की भाभी कमल परमार सरपंच का चुनाव हार गई हैं. कमल परमार को महुवाल ग्राम पंचायत में स्थानीय उम्मीदवार जमना देवी से हार का सामना करना पड़ा है.

देवली (टोंक) से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज की पत्नी शोभा भारद्वाज पंचायत चुनाव जीत गई हैं. चित्तौड़गढ़ से निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की चाची तममा कंवर चुनाव जीत गई हैं.

वहीं, उदयपुर जिले की खेरवाड़ा पंचायत समिति की नवाघरा ग्राम पंचायत में पुष्पादेवी को जीत मिली तो वहां हारे हुए प्रत्याशी के समर्थकों ने जमकर तोड़-फोड़ की. आगजनी और पथराव भी किया. मौके पर पुलिस ने पहुंचकर एक्शन लिया. जालोर जिले की भैंसवाड़ा ग्राम पंचायत में शारदा कुमारी राणा ने छह करोड़पति उम्मीदवारों हराकर जीत दर्ज की है.

टोंक के इस गांव को मिला पहली बार सरपंच

सबसे दिलचस्प नतीजा  भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति की दर्र बराहना ग्राम पंचायत में देखने को मिला. यहां दो बार मतगणना कराई गई और केवल एक वोट से विमला कुमारी को जीत मिली है.  इस बार टोंक जिले की बीसलपुर ग्राम पंचायत को पहली बार सरपंच मिला है. बीसलपुर को राजस्थान की सबसे छोटी ग्राम पंचायत भी कहा जाता है. यहां से नौसर देवी भील 151 वोटों से जीत गई हैं.

बता दें कि  तीसरे चरण के मतदान के लिए कुल 82.32 प्रतिशत वोटिंग हुई है. सबसे अधिक हनुमानगढ़ जिले के पल्लू में हुई  है. यहां कुल मतदान 92.05 प्रतिशत रहा, जबकि किशनगढ़ बास में ये 90.64 प्रतिशत  रहा. वहीं सबसे कम मतदान बालोतरा की समदड़ी पंचायत समिति में दर्ज किया गया जोकि 64.81 प्रतिशत रहा.

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