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डिजिटल अरेस्ट पर बड़ा एक्शन, जनवरी से अब तक कितने व्हाट्सएप अकाउंट बैन? केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में किया खुलासा

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देश में बढ़ते “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम को रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. इस कार्रवाई में टेलीकॉम रेगुलेटर, सर्विस प्रोवाइडर, आरबीआई, तकनीकी कंपनियां और सीबीआई सहित कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. इस दौरान व्हाट्सएप ने जनवरी 2026 से अब तक ऐसे 9,400 अकाउंट्स को बैन किया है जो इन साइबर अपराधों में शामिल पाए गए.

कई एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई

इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है, ने सुप्रीम कोर्ट के 9 फरवरी के निर्देशों के बाद एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है. इसमें बताया गया है कि डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन फ्रॉड मामलों पर रोक लगाने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं.

चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था. अदालत ने आरबीआई, दूरसंचार विभाग (DoT) और अन्य एजेंसियों को मिलकर एक ऐसा ढांचा बनाने का निर्देश दिया है, जिससे डिजिटल अरेस्ट मामलों में पीड़ितों को मुआवजा देने की व्यवस्था तैयार की जा सके.

व्हाट्सएप की बड़ी कार्रवाई

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी के माध्यम से दाखिल रिपोर्ट में बताया गया कि व्हाट्सएप ने I4C, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और DoT की चिंताओं के बाद जनवरी 2026 में एक विशेष जांच अभियान शुरू किया. इस जांच में एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई, पहले संदिग्ध संकेतों की पहचान, फिर नेटवर्क का विश्लेषण, पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई और अंत में ऑटोमेटेड सुरक्षा सिस्टम तैयार करना.

9,400 अकाउंट बैन

इस अभियान के दौरान व्हाट्सएप ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े 9,400 अकाउंट्स को बैन कर दिया है. यह कार्रवाई पिछले 12 हफ्तों में की गई है. सरकार ने इसे साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है. सरकार और एजेंसियों का कहना है कि देश में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट मामलों को रोकने के लिए निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी, ताकि आम लोगों को साइबर ठगी से बचाया जा सके.

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Author: admin

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