जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में सुरक्षा बलों ने सीमा पार से घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया. खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान घुसपैठिए सुरक्षा बलों की घेराबंदी देखकर नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर वापस भाग गए. हालांकि, वे अपने पीछे हथियारों और गोला-बारूद से भरा बैकपैक छोड़ गए. बरामद हथियारों के बाद पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ संयुक्त अभियान
मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर के हथलंगा इलाके में सुरक्षा बलों को सीमा पार से घुसपैठ की पुख्ता सूचना मिली थी. इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन’ (SADO) शुरू किया.
सुरक्षा बलों की घेराबंदी देख भागे घुसपैठिए
सेना के अधिकारियों के अनुसार, नियंत्रण रेखा (LoC) पर संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद हथलंगा इलाके में तत्काल घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया. सुरक्षा बलों की मौजूदगी और सख्त कार्रवाई को देखते हुए घुसपैठिए LoC पार कर वापस भाग गए. भागते समय वे अपना बैकपैक मौके पर ही छोड़ गए, जिसमें भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मौजूद था.
बैकपैक से मिला भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा
सुरक्षा बलों ने बैकपैक की तलाशी ली तो उसमें से दो AK राइफलें, दो AK मैगजीन, 7.62×39 मिमी के 256 राउंड कारतूस, एक टोकारेव टाइप-54 पिस्तौल, दो पिस्तौल मैगजीन, पांच जिंदा हैंड ग्रेनेड, एक बैग और पाकिस्तान में बनी सिगरेट के पांच पैकेट बरामद हुए.
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हथियार
अभियान के दौरान किसी भी सुरक्षा कर्मी या अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है. बरामद हथियारों और गोला-बारूद को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि इनके स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से सीमा पार से हथियारों की तस्करी और घुसपैठ की एक बड़ी साजिश विफल हुई है. फिलहाल पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है.








