उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत की है. इसमें गिरी ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट से पहले तत्कालीन महासचिव चंपत राय को चोरी की जानकारी हो गई थी. गिरी ने इस दौरान सपा प्रमुख का नाम नहीं लिया.
गिरी ने यह भी कहा कि चंपत राय श्रेष्ठ और निष्कलंक हैं. उन्होंने कहा कि चंपत राय ने किसी को बचाना नहीं चाहा. गिरी ने कहा कि चंपत राय ने गलत लोगों पर भरोसा किया. उनके सहयोगियों ने राय के साथ विश्वासघात किया. चंपत राय के अहंकार पर भी गिरी ने बोला. उन्होंने कहा कि चंपत का ‘मैं’ भी इसके लिए जिम्मेदार रहा. हालांकि वह बीच बीच में चंपत राय का बचाव करके नजर आए.
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी इस पूरे मामले में कोई जिम्मेदारी बनती है और क्या वह इस्तीफा देंगे, गिरी ने भड़कते हुए कहा कि मैं इस्तीफा क्यों दूं? गिरी के इतना कहने के बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने साक्षात्कार रोकने की कोशिश की. खुद गिरी ने एबीपी का माइक आईडी भी हटाने का प्रयास किया. इसके बाद गिरी ने कहा कि हुंडियों की गिनती में मेरी कोई भूमिका न कल थी, न आज है.








