पाकिस्तान के हुक्मरान अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता कराने में बिजी हैं और वहीं जनता भीषण गर्मी में बिजली की भयानक कटौती से रो रही है. पाकिस्तान के बाकी शहरों की क्या बात की जाए जब राजधानी इस्लामाबाद में ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. सिर्फ इतना ही नहीं सटे हुए शहर रावलपिंडी में भी बत्ती गुल की समस्या ने रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (IESCO) प्रचंड गर्मी के बीच किसी सूचना के अंधाधुंध बिजली काट रही है.
‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मौसम विभाग ने इस्लामाबाद में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जबकि 43 प्रतिशत उमस के कारण हालात ऐसे महसूस हो रहे थे जैसे तापमान 50 डिग्री सेल्सियस हो. कई इलाकों में बिना किसी शेड्यूल के बिजली कटौती (लोड-शेडिंग) शुरू हुई और जारी रही, जिससे लोगों को बिना सोए रातें गुजारनी पड़ीं और भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
नागरिकों ने बिजली की अनियमित सप्लाई के बावजूद लगातार महंगे होते बिजली बिलों को लेकर नाराज़गी जाहिर की. कई लोगों ने सवाल उठाया कि जिन इलाकों में बिल की पूरी वसूली होती है, वहां भी बिना रुकावट बिजली क्यों नहीं दी जा सकती. लोगों का यह भी कहना था कि छतों पर सोलर पैनल लगाने वालों की संख्या बढ़ने के बावजूद, अधिकारी ऐसी नीतियां बनाने में नाकाम रहे हैं जो गर्मी के मौसम में ज्यादा मांग के समय नेशनल ग्रिड पर निर्भरता को कम कर सकें.
बार-बार बिजली कटौती ने सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया. कारोबार, कारखाने, दुकानें, छात्र और अस्पताल के मरीज प्रभावित हुए, जबकि ट्यूबवेल न चलने से कई इलाकों में पानी की किल्लत हो गई. ट्रैफ़िक सिग्नल भी लंबे समय तक बंद रहे, जिससे मुख्य सड़कों पर जाम लग गया.
किल्लत का क्या है कारण
कई लोगों ने शिकायत की कि IESCO की हेल्पलाइन पर कोई जवाब नहीं मिला और बिजली कटौती के बारे में जानकारी के लिए किए गए कॉल का स्थानीय अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोगों ने लंबे समय तक और बिना सूचना के बिजली कटौती के बजाय लोड-शेडिंग का एक पारदर्शी शेड्यूल बनाने की मांग की.
आलोचना का जवाब देते हुए IESCO ने कहा कि नेशनल ग्रिड से अपर्याप्त सप्लाई के कारण इस इलाके में 400 मेगावाट बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है. IESCO ने कहा कि गर्मी के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, इसलिए अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होने तक अस्थायी रूप से लोड मैनेजमेंट करना पड़ रहा है. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने असुविधा के लिए माफ़ी मांगी, लेकिन यह नहीं बताया कि बिजली की सामान्य सप्लाई कब बहाल होगी.








