लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब की कानून-व्यवस्था, ड्रग्स के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जमकर निशाना साधा. संगरूर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार पर युवाओं को नशे में झोंकने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान जब सांसद थे तो हमारे पास बैठकर चुटकुले सुनाते थे और सुबह के 11 बजे ही उनके मुंह से शराब की बू आती थी.
उन्होंने कहा, ‘भगवंत मान का शराब पीना उनका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन अगर पंजाब नशे से लड़ना चाहता है, तो यहां का मुख्यमंत्री हर शाम नशा नहीं कर सकता.’ AAP सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘युवाओं को नशे में झोंकने वाली AAP सरकार को माफ नहीं किया जा सकता. प्रदेश की जनता इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता जरूर दिखाएगी.’
AAP सरकार नशा नहीं हटा सकती: राहुल गांधी
उन्होंने कहा, ‘पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा नशा है और आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले इसे खत्म करने का वादा किया था. पंजाब ने भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया. उनका वादा राज्य को नशा मुक्त करने का था. मैं पूछना चाहता हूं कि पंजाब के किस कोने से नशा खत्म हुआ है. ये नशा नहीं हटा सकते हैं. पंजाब को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो राज्य के लिए संघर्ष करे और जिसकी पार्टी में पंजाब का दर्द समझने वाले लोग हों.’
‘पंजाब के लिए काम करने वालों को डराया जाता है’
राहुल गांधी ने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ जो हुआ, वह आज पंजाब में ‘फैशन’ बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सोच ने मूसेवाला को गोली मारी थी, वही सोच आज पूरे पंजाब में फैल गई है. उन्होंने दावा किया कि जो भी पंजाब के लिए काम करना चाहता है, उसे डराया और धमकाया जाता है और सरेआम गोली मार दी जाती है. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में तीन साल के भीतर नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन केंद्र की सरकार तो एक साल में ही निपट जाएगी. राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह कानून-व्यवस्था की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने गैंगस्टर पाल रखे हैं और यह बात पूरा देश जानता है. उन्होंने कहा कि यदि अमित शाह को कानून-व्यवस्था की बात करनी है तो मणिपुर का भी जिक्र करना चाहिए.








