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भारत के खिलाफ जहर उगलने वाला बांग्लादेशी नेता मामूनुल हक चुनाव हारा, नहीं बचा पाया अपनी सीट

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बांग्लादेश के आम चुनाव में भारत विरोधी मौलाना मामूनुल हक ने अपनी सीट गंवा दी. ढ़ाका 13 सीट से बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के प्रत्याशी मामूनुल हक चुनाव हार गए. इस सीट पर बीएनपी के बॉबी हजाज ने बाजी मारी.

पीएम मोदी के बांग्लादेश दौरे के समय भड़काई थी हिंसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मार्च 2021 को बांग्लादेश की आजादी की वर्षगांठ के मौके पर बांग्लादेश दौरे पर गए थे. उनके इस दौरे के दौरान कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए. हालात हिंसक हो गए और झड़पों में कई लोगों की मौत हो गई. इस मामले में संगठन के संयुक्त महासचिव मामूनुल हक को लोगों को भड़काने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

शेख हसीना के कार्यकाल में गिरफ्तारी
मामूनुल हक को शेख हसीना के कार्यकाल में हिंसा भड़काने समेत कई आरोपों में पकड़ा गया था. उस समय सरकार ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी. पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना के पद छोड़ने और देश से बाहर जाने के बाद बनी अंतरिम सरकार ने मामूनुल हक और कुछ अन्य कट्टरपंथी नेताओं को रिहा कर दिया.

2010 में बना था हिफाजत-ए-इस्लाम
हिफाजत-ए-इस्लाम की स्थापना साल 2010 में हुई थी. यह संगठन सख्त इस्लामी सोच का समर्थन करता है. यह कई बार संविधान और समाज में बदलाव के खिलाफ आवाज उठाता रहा है. मदरसों के संचालन और इस्लामी व्यवस्था की बात को लेकर भी यह संगठन चर्चा में रहा है. मामूनुल हक संगठन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं. साल 1973 में जन्मे मामूनुल हक अपने भड़काऊ भाषणों और कट्टर सोच के चलते समर्थकों और विरोधियों, दोनों के बीच चर्चा में रहे हैं.

जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख नेता ने भी गंवाई अपनी सीट
जमात-ए-इस्लामी के सेकंड इन कमांड मियां गुलाम परवार भी अपनी सीट हार गए. BNP के अली लोबी खुलना-5 से चुनाव जीत चुके हैं. इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है. खुलना-5 में BNP- 1,47,658 और जमात को 1,44,956 वोट मिले.  सभी सर्वे में इस सीट पर जमात की जीत का दावा किया गया था.

उधर, बांग्लादेश चुनाव आयोग ने 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव में तीन निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे स्थगित करने का फैसला किया है. ये सीटें शेरपुर-2, चटगांव-2 और चटगांव-4 हैं. चुनाव आयोग सचिवालय के वरिष्ठ सहायक सचिव मोहम्मद शाहिदुल इस्लाम ने बताया कि विजयी उम्मीदवारों से जुड़े कानूनी मामलों के कारण इन सीटों के नतीजे फिलहाल रोके गए हैं.

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