कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रही है. सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और वो न्यायिक हिरासत में हैं. विपक्ष इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है मगर अब एनडीए का साथ देने वाले आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के रुख भी बदल गए हैं.
संसद में एनडीए सरकार का साथ देने वाले वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयोग को लेकर किए गए फैसले पर दुख जताया है और सीजेपी का सपोर्ट किया जा रहा है. उनके इस सपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि इसके पीछे की वजह लेफ्ट पार्टियों के साथ उनका तालमेल हो सकता है. हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है.
चुनाव आयोग के फैसले पर जताया दुख
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेड्डी ने कहा था कि ‘हमे अब दुख होता है. हमें इस बात का एहसास हो गया है कि हमें उस प्रक्रिया से सहमत नहीं होना चाहिए था जिसमें चुनाव आयुक्त को तीन सदस्सीय समिति चुनती है. उस समिति में पीएम, पीएम की तरफ से चुने गए एक नेता और विपक्ष के नेता होते हैं. उन्होंने कानून में बदलाव और समिति में भारत के मुख्य न्यायधीश को शामिल करने की मांग भी की है.’
YSRCP के एक नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि ‘हम मुद्दों के आधार पर एनडीए का सपोर्ट करते हैं. इस मुद्दे पर हमें लगता है कि जनता को सरकार की तरफ से और ज्यादा आश्वासन की जरुरत है.’
क्या है वजह
नेता ने कहा, ‘आंध्र प्रदेश में विपक्ष की पार्टी होने के नाते, हमें लगता है कि हमें उनका साथ देना चाहिए जो उन लोगों के हितों की रक्षा कर रहे हैं जिनके वोट गैर कानूनी तरीके से काटे गए. टीडीपी की आंध्र प्रदेश सरकार राज्य चुनाव आयोग की मिलीभगत से उसके इशारों पर चलने वाले इस आयोग का फायदा उठा रही है.’








