आज शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. एक तरफ 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 450 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और इसकी ओपनिंग 72,965.38 पर हुई. दूसरी तरफ 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 22,690.45 पर खुला.
हालांकि, रेपो रेट पर भारतीय रिजर्व बैंक का फैसला आते ही शेयर बाजार की इस गिरावट पर ब्रेक लग गया और इसने निचले स्तरों पर शानदार रिकवरी की. सेंसेक्स वापस से 73,000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया. यही स्थिति कुछ निफ्टी के साथ भी रही. सुबह के कारोबार में 22,690 से भी नीचे फिसलने के बाद इसने 22,700 के स्तर पर शानदार वापसी की.
RBI ने क्या सुनाया फैसला?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की है. यह फरवरी 2023 के बाद बीते चार सालों में पहली बढ़ोतरी है. मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार को पहले से ही ब्याज दें बढ़ने की उम्मीद थी. रेपो रेट पर फैसला आते ही निवेशकों के मन से यह अनिश्चितता दूर हो गई. हाल के हफ्तों में शेयर बाजार में पहले ही काफी गिरावट दर्ज की जा चुकी थी और आरबीआई का फैसला आते ही अनिश्चितता का माहौल खत्म हो गया.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स और नोमुरा जैसे मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेपो रेट में बढ़ोतरी की बात बाजार में पहले से ही डिस्काउंट (प्राइस-इन) हो चुकी थी, जिससे पैनिक सेलिंग रूक गई. रेपो रेट पर अपना फैसला सुनाते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वैश्विक महंगाई और खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के जोखिम को देखते हुए इस बार रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया.
हैवेस्टेड (Vested) के सीईओ विराम शाह का कहना है कि केंद्रीय बैंक का यह फैसला बढ़ती महंगाई को काबू में रखने और कीमतों में स्थिरता लाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है. जब केंद्रीय बैंक महंगाई को लेकर गंभीर होता है, तो लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा बाजार पर बढ़ता है.
आरबीआई के इस फैसले से गिरते रुपये को भी मजबूती मिल सकती है क्योंकि रेपो रेट बढ़ाने से भारत और अमेरिका की ब्याज दरों के बीच 1.50% का अंतर बना रहेगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी जरूरी है क्योंकि विदेशी निवेशक हमेशा पैसा वहीं लगाएंगे, जहां उन्हें ब्याज ज्यादा मिलेगा. अब अगर उन्हें अमेरिका के मुकाबले भारत में 1.50% का अतिरिक्त मार्जिन मिले, तो वे भारतीय बॉन्ड और शेयर बाजार में पैसा लगाने के लिए आकर्षित होंगे, जिससे बाजार में बिकवाली कम होगी और इसे मजबूती मिलेगी.
बैंकिंग शेयरों में दिखी तेजी
रेपो रेट बढ़ाने के आरबीआई के फैसले के बाद कोटक बैंक, बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक के शेयरों में काफी तेजी देखने को मिली. ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट बढ़ने से बैंकों को अपने फ्लोटिंग रेट लोन पर ब्याज बढ़ाने का मौका मिलता है, जिससे उनका नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सुधरता है.








