बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ हुई छेड़खानी के मामले में मुख्य सहित कई अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. मुख्य आरोपी नंदन यादव एनकाउंटर में घायल हुआ है. बुधवार (23 सितंबर, 2026) को एबीपी न्यूज़ की टीम उसके गांव प्रतापपुर पहुंची. यहां के लोगों से बात की गई तो इनकी नाराजगी साफ झलकी. गांव के लोग नंदन पर की गई कार्रवाई से खुश नहीं हैं. यह भी बताया कि कैसे यह घटना हुई है. वहीं नंदन के घर के बाहर ताला लगा था.
‘पहाड़ पर पहले से हो रही थी छेड़खानी’
प्रतापपुर गांव के रहने वाले और नंदन के पड़ोसी मिलन कुमार ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि छेड़खानी पहले से हो रही थी. सभी लड़के मड़वा गांव के थे. पहाड़ पर छेड़खानी हो रही थी. मेरे गांव का एक लड़का है जिसने हरेराम और नंदन को फोन करके बुलाया था कि एक लड़की पकड़ी गई है. मड़वा के लड़कों ने ही वीडियो बनाकर वायरल किया तो मामला इतना आगे बढ़ गया.
मिलन कुमार ने कहा, “लड़का-लड़की को पहाड़ पर नहीं जाना चाहिए था. पुलिस तो बोल रही है कि सात लोग थे… आपने एनकाउंटर किया… जान मार देते, लेकिन बाकी को क्यों छोड़ दिए? बाकी लोग जो आरोपी हैं वह भी तो अपराधी हैं.”
पड़ोसी ने कहा- फंसाना की साजिश
पड़ोसी मिलन की मानें तो नंदन को फंसाने की साजिश हो रही है. मिलन कुमार ने कहा कि नंदन यादव बालू माफिया नहीं था. नंदन तो खलासी का काम करता था. हरेराम यादव खेती करता है. मिलन ने नंदन के घर को दिखाते हुए कहा कि अगर वह बालू माफिया था तो उसके घर पर प्लास्टर क्यों नहीं किया गया है? क्या बालू माफिया का घर ऐसा होता है?
‘पार्क नहीं था… झूला नहीं लगा था’
दूसरी ओर नंदन के गांव की एक महिला ने कहा कि उसे (नंदन) जानबूझकर फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि मड़वा पहाड़ कोई पार्क नहीं था और झूला नहीं लगा था कि ये लोग (लड़का-लड़की) झूलने आए थे. मां ने अपनी बेटी पर ध्यान क्यों नहीं रखा? नाबालिग बेटी होकर इतना बड़ा कांड कर रही है. घटना घटने का कोई कारण है. लड़की क्यों गई वहां? कोई मेला लगा था कि लड़कों ने छेड़खानी कर दी?
महिला ने कहा, “देखिए औरत गलत करती है तो उस पर भी आरोप लगना चाहिए. लड़की के माता-पिता कहां थे? लड़की आई क्यों? उसको नहीं आना चाहिए था…”








