हर गुजरते दिन के साथ एआई एडवांस होती जा रही है और जल्द ही यह स्मार्टनेस के मामले में इंसानों को पीछे छोड़ देगी. दुनिया के सबसे अमीर शख्स Elon Musk की मानें अगले 4-5 सालों में एआई सारे इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगी. एक सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब देते हुए मस्क ने कहा कि शायद अगले 4-5 सालों में एआई सारी ह्यूमन इंटेलीजेंस को पीछे छोड़ देगी. बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब मस्क ने इंसानों से ज्यादा स्मार्ट एआई को लेकर अपनी उम्मीद जाहिर की है. वो पहले भी कई बार कह चुके हैं कि इस दशक के अंत तक एआई इंसानों की कुल समझ से भी ज्यादा समझदार हो जाएगी.
2030 तक आ जाएगी आर्टिफिशियल सुपरइंटेलीजेंस- मस्क
एआई मॉडल्स को लेकर मस्क काफी आशावादी हैं. उनका मानना है कि किसी इंसान को पीछे छोड़ने वाला एआई मॉडल अगले साल तक हमारे बीच आ जाएगी, जबकि 2030 तक आर्टिफिशियल सुपरइंटेलीजेंस (ASI) सामने आनी शुरू हो जाएगी. 2030-31 तक एआई सारे इंसानों से ज्यादा स्मार्ट हो जाएगी. इसे लेकर टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट इतनी तेजी से हो रहा है, जिसके बारे में अधिकतर नेताओं को पता नहीं है.
बहुत तेजी से बदल रही है एआई की दुनिया
मस्क का ताजा बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब एआई की दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है. ओपनएआई, गूगल, मेटा और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए लगातार एक से बढ़कर एक एआई मॉडल्स पेश कर रही है. अब ये मॉडल सिर्फ सवालों का जवाब देने तक सीमित नहीं है. अब इनकी मदद से रिसर्च भी तेज हुई है और कई जटिल समस्याओं के समाधान ढूंढने के लिए भी इनका इस्तेमाल शुरू हो गया है. इसके साथ ही कंपनियां डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर पर भी पानी की तरह पैसा बहा रही हैं. यह सब दिखाता है कि आने वाले समय में एआई कितनी एडवांस होने जा रही है.
“तीन सालों में दुनिया बदल देगी एआई”
इंसानों से स्मार्ट एआई की कल्पना करने वाले मस्क अकेले नहीं है. कुछ दिन पहले Google X के बिजनेस चीफ Mo Gawdat ने कहा था कि मौजूदा एआई टूल्स तो सिर्फ झलक है और असल एआई बहुत पावरफुल है. उन्होंने कहा कि इंसानों के पास सिर्फ तीन साल का समय बचा है. तीन वर्षों में एआई इतनी पावरफुल हो जाएगी कि यह समाज को पूरी तरह बदल देगी. Gawdat का कहना है कि एआई अपने आप में खतरा नहीं है, लेकिन बड़ी कंपनियां और सरकारें इसे कैसे यूज करती हैं, वह ज्यादा बड़ा खतरा है.








