एलएनजी का टैंकर दिशा होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने के बाद गुजरात के दाहेज पोर्ट पहुंच गया है. माल्टा के झंडा वाला यह टैंकर 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर आया है. एलएनजी लेकर पहुंचा ये टैंकर करीब साढ़े तीन महीने पहले शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला भारतीय एलएनजी टैंकर है.
गुजरात के भरूच बंदरगाह प्राधिकरण ने बताया, ‘LNGC दिशा नामक जहाज सुबह दाहेज बंदरगाह पर पहुंचा. यह पेट्रोनेट एलएनजी जेटी पर लंगर डाले खड़ा है.’
शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा प्रबंधित और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड द्वारा चार्टर्ड एलएनजी टैंकर दिशा अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती सीजफायर की घोषणा के बाद स्ट्रेट से गुजरने वाले पहले वाणिज्यिक जहाजों में से एक है.
सरकार ने LNG टैंकर के बारे में क्या बताया था?
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) के डायरेक्टर ओपेश कुमार शर्मा ने गुरुवार को कहा था कि पोत दिशा के शुक्रवार को दाहेज बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, माल्टा का झंडा लगा एलएनजी टैंकर दिशा 15 जून को करीब 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी कार्गो लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा था. उम्मीद है कि यह टैंकर कल सुबह दाहेज बंदरगाह पर पहुंच जाएगा.’
कतर से LNG खरीदता है भारत
भारत अपनी प्राकृतिक गैस की मांग का करीब आधा हिस्सा एलएनजी के आयात के माध्यम से पूरा करता है, जिसमें से लगभग 65 फीसदी आपूर्ति कतर जैसे खाड़ी देश से की जाती है और ये होर्मुज समुद्री रास्ते के जरिए भेजी जाती है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज को बंद कर दिया. इस सप्ताह की शुरुआत में जब अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ तो तेहरान ने 60 दिनों के लिए जहाजों की आवाजाही को बिना किसी फीस के जाने को मंजूरी दी.








