अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से जारी टकराव को खत्म करने के लिए 19 जून को दोनों पक्ष समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यहां तक कह दिया है कि रविवार (14 जून) को इस डील पर डिजिटली साइन हो चुका है अब केवल औपचारिक ऐलान बाकी है.
इस बीच इस समझौते पर फाइनल हस्ताक्षर से करीब दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनालड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्रांस के एवियन में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अगर उन्हें ईरान की शर्तें नहीं पसंद आती हैं या फिर तेहरान की ओर से कुछ भी पेच फंसता है, तो उनके पास प्लान-बी है.
ट्रंप ने बता दिया प्लान बी
पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान कोई नई शर्त जोड़ता है या उसकी शर्त नहीं पसंद आती है, तो अमेरिका एक बार फिर ईरान पर बम बरसाना शुरू कर देगा. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अभी फाइनल नहीं है.
ट्रंप ने दावा किया कि यह एक समझौता ज्ञापन है और अगर वह मुझे पसंद नहीं आता है, तो हम तेहरान पर फिर से बमों की बारिश करेंगे और गोलियां चलाएंगे. ट्रंप की घोषणा के बाद से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि दोनों पक्षों ने पहले की डिजिटल रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर लिया है, केवल फिजिकल साइन बाकी है, जो शुक्रवार को होगी.
वेंस ने समझौते पर क्या बताया?
जेडी वेंस ने बताया कि दोनों पक्षों में लागू होने वाला समझौता पूरी तरीके से ईरान पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान को किसी प्रकार की कोई वित्तीय रियायत नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी दावा किया था कि हमने MoU पर हस्ताक्षर कर लिए हैं और अभी तक कोई भी फंड ईरान के लिए नहीं जारी किया गया है. वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि समझौता पूरी तरीके से ईरान की इसकी स्वीकार्यता पर निर्भर करेगा.








