केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि अब विदेशी निवेशकों (FIIs) को भारतीय सरकारी बॉन्ड (G-Secs) में निवेश करने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. इसके लिए अध्यादेश भी जारी कर दिया गया है. सरकार ने यह फैसला विदेशी निवेशकों को भारतीय सरकारी बॉन्ड में ज्यादा इन्वेस्टमेंट के लिए आकर्षित करने के लिए लिया है.
सरकार ने जारी किया अध्यादेश
सरकार ने इसके लिए इनकम टैक्स कानून में बदलाव किया है. नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरकार ने इस अध्यादेश के जरिए इनकम टैक्स कानून के शेड्यूल-4 में दो नए प्रावधान (13D और 13E) जोड़े हैं. इनके जरिए कुछ विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड से होने वाली कमाई में टैक्स की छूट का प्रावधान किया गया है.
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
सरकार के इस कदम के पीछे वजह विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है, छूट देने से ज्यादा से ज्यादा विदेशी इन्वेस्टर भारतीय सरकारी बॉन्ड में पैसा लगाएंगे, इससे देश की विदेशी कैपिटल का फ्लो बढ़ेगा और सरकार के लिए मार्केट से पैसा जुटाना आसान होगा.
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रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं
उधर, आरबीआई ने शुक्रवार (5 जून) को मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि छह सदस्यीय समिति ने 3, 4 और 5 जून को हुई बैठक में आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों की विस्तृत समीक्षा के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति का रुख (पॉलिसी स्टांस) भी ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है.
आरबीआई ने साफ किया है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं, बढ़ती ऊर्जा कीमतों और महंगाई के जोखिमों को देखते हुए केंद्रीय बैंक सतर्क रुख बनाए रखेगा. फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले महीनों में आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.








