नीट परीक्षा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे के मांगों को लेकर आंदोलित छात्रों के प्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ा दावा किया है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान के बीच मुलाकात हो रही है. छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर अखिलेश ने कहा कि अगर थोड़ी भी संवेदशीलता होती तो यह पहले दिन बात करते. लाठीचार्ज करना दुखद है और छात्रों की मांग जायज है.
इसके साथ ही सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक में जितने लोग शामिल होते हैं वह भाजपाई हैं, कोई भी दोषी नहीं पकड़ा गया. नौकरी भी इसलिए सरकार नहीं देती क्योंकि आरक्षण देना पड़ेगा, मुझे दुख है कि आज लाठी भी चली है. प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश ने कहा कि अगर मंत्री का विभाग बदल जाएगा तो सरकार को ही लाभ होगा. अगर एक मंत्री लंबे समय तक एक ही विभाग में रहेगा तो काम नहीं करता बल्कि कुछ और रास्ते ढूढ़ता है.
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वहीं राम मंदिर हुई चोरी को लेकर अखिलेश यादव ने कहा- विदेशी लुटेरों ने मंदिर तोड़े थे, विश्वविद्यालय तोड़े थे, आंदोलनकारियों को प्रताड़ित किया था, आज वही बीजेपी कर रही है. बीजेपी में अहंकार है. पूर्व सीएम ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम जी के यहां पर चोरी हो गई, कहीं तो यह लगता है कि लखनऊ वाले दिल्ली वालों को नीचा दिखाना चाहते हैं.
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार नहीं अहंकार है, जब करोड़ों लोग इस आंदोलन से जुड़े हों, जिन बच्चों की जान गई, उनके लिए एक शब्द नहीं बोले. सरकार का इससे बड़ा अहंकार क्या हो सकता है…छात्र चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुने लेकिन सरकार उन्हें नहीं सुनना चाहती है.








