संसद के मानसून सत्र पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि चाहे मानसून हो या मानसून सत्र- अगर दोनों सक्रिय हों तो वे बहुत उत्पादक साबित होते हैं. जब दोनों उत्पादक होते हैं तो इससे देश का कल्याण और सभी जीवों का भला होता है. इसलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और उत्पादक बना रहे और मानसून सत्र भी उत्पादक साबित हो.








