तमिलनाडु में सियासी ट्विस्ट अभी थमने का नाम नहीं ले रहा. सबसे बड़े दल के रूप में उभरी टीवीके के नेता थलापति विजय ने आज एक बार फिर राज्यपाल से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने उनसे कहा कि वो सीएम पद की शपथ ले सकते हैं लेकिन उससे पहले उनको बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा साबित करना होगा. गवर्नर ने कहा कि वो राज्य में स्थिर सरकार चाहते हैं, इसलिए जैसे ही विजय वो आंकड़ा पेश करते हैं तो उनको शपथ दिलाई जा सकती है.
नंबरों का जुगाड़
डीएमके ने साफ की तस्वीर
इन सबके बीच द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) को राज्य में सरकार बनाने का पहला मौका दिया जाना चाहिए. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए, अन्नादुरई ने कहा कि संवैधानिक परंपरा और लोकतांत्रिक सिद्धांत इस बात का समर्थन करते हैं कि जब किसी भी चुनाव-पूर्व गठबंधन को बहुमत न मिले, तो सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए.
‘अगर कोई ऐसा चुनाव-पूर्व गठबंधन नहीं है जिसे बहुमत मिला हो, तो उन्हें सबसे बड़ी पार्टी के साथ आगे बढ़ना चाहिए. अगर सबसे बड़ी पार्टी बहुमत हासिल करने में असमर्थ रहती है, तो उसे अपनी पसंद के किसी भी दल के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करनी चाहिए. और, अगर चुनाव के बाद कोई गठबंधन होता है, तो उसकी बारी चौथे स्थान पर आएगी,’ उन्होंने कहा.
तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए, DMK नेता ने कहा कि किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है और न ही किसी अन्य समूह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. उन्होंने कहा, ‘अभी, तमिलनाडु राज्य में, किसी भी चुनाव-पूर्व गठबंधन के पास बहुमत नहीं है. किसी और ने भी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. लेकिन सबसे बड़ी पार्टी, विजय की TVK ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है और राज्यपाल से मुलाकात की है. और उन्होंने 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है.’
नंबर गेम
सर्वविदित है कि बहुमत का आंकड़ा 118 है और विजय के पास कांग्रेस के सपोर्ट से अभी तक 112 का आंकड़ा है. खुद विजय दो सीटों से जीते हैं इसलिए उनकी पार्टी का संख्याबल 107 ही गिना जाएगा. उस लिहाज से 233 सदस्यीय विधानसभा बनेगी और उनको 117 का आंकड़ा चाहिए होगा. लेकिन अभी उनके पास 5 विधायकों की कमी है.
कहा जा रहा है कि विजय की पार्टी चाहती थी कि विजय को सीएम पद की शपथ दिलाई जाए और उनको कुछ समय दिया जाए ताकि उस दौरान वो अन्य छोटे दलों से संपर्क कर बहुमत के लिए समर्थन प्राप्त कर सकें. लेकिन राज्यपाल ने उनसे पहले ही समर्थन की चिट्ठी मांग ली है, इसलिए मामला अब फंस गया है. यहां तक कि शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी रुक गई हैं. पहले माना जा रहा था कि गुरुवार या शुकवार को विजय को शपथ दिलाई जाएगी.








