पश्चिम पंगाल में यूपी के अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर अब सियासी घमासान तेज हो गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसको लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, खासकर आईपीएस अजय पाल शर्मा को चुनाव में आब्जर्वर बनाने पर टीएमसी के साथ अखिलेश यादव ने भी चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि लालच में अधिकारी काम कर रहे हैं, इसलिए ही मनचाही पोस्टिंग मिल रही है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके साथ ही यूपी में हरदोई, गाजीपुर में हुए रेप और मर्डर केस पर यूपी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पत्रकारों से अपील करते हुए कहा कि अंत में सब मरोगे इसलिए कम से कम लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आ जाओ.
चुनाव आयोग-बीजेपी गठजोड़ पर पर सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यूपी से ऐसे अधिकारी भेजे गए हैं, जिन्होंने रामपुर-संभल में रहते हुए चुनाव लूटा है. जानबूझकर ऐसे अधिकारी चिन्हित कर भेजे गए हैं. खासकर आईपीएस अजय पाल शर्मा पर सवाल उठाया कि उनके जिस तरह के वीडियो हैं क्या उन्हें तैनात करना चाहिए ? इसके साथ ही उन्होंने आगरा और नोएडा में डीएम की पोस्टिंग में चुनाव आयुक्त की बेटी और दामाद की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए. ज्ञानेश कुमार की बेटी मेधा रूपम नोएडा और उनके दामाद मनीष बंसल आगरा के डीएम हैं. बोले अगर बीजेपी का काम करोगे या परिवार से संबंध होंगे तो डीजीपी बन जाओगे.
कानून-व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश यादव ने प्रदेश में बढ़ रहीं अपराध की घटनाओं पर सरकार को घेरा. बोले पुलिस सरकार के इशारों पर पूरी तरह काम कर रही है. कानून के बेसिक नियमों का पालन नहीं हो रहा. उन्होंने गाजीपुर और हरदोई की घटनाओं का उदहारण दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा, “अंत में सब मरोगे इसलिए कम से कम लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आ जाओ.”
बहरहाल इस मामले में सियासत जारी है, टीएमसी के हैंडल से भी कुछ वीडियो वायरल की गयीं हैं, जिनमें आईपीएस अजय पाल शर्मा के होने का दावा है.








