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पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर किसानों का आंदोलन जारी, सपुणे-बेंगलुरु हाईवे पर किसानों का आंदोलन जारी, सरकार को अल्टीमेटमरकार को अल्टीमेटम

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पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे (NH-48) पर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन  का चक्काजाम आंदोलन जारी है और अब ये आक्रामक होता दिखाई दे रहा है. ये आंदोलन कोल्हापुर के किणी टोल प्लाजा और सतारा के नागठाणे के पास चल रहा है और पिछले 18 घंटे से किसान यहां सड़क पर डटे हुए हैं. मांगे पूरी होने तक वो आंदोलन जारी रखने पर डटे हुए हैं.

अब आंदोलन की सरकार द्वारा अनदेखी किए जाने से नाराज किसानों ने मांग न पूरी होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है. आज दोपहर से दूध और सब्जियों की आपूर्ति रोकने का ऐलान कर दिया है. चीनी मिल मालिकों और सरकार को पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है.

सरकार को दी चेतावनी

चीनी मिल मालिकों और सरकार को पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने अब सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वो गांव-गांव में गन्ने की ढुलाई भी रोक देंगे. राजू शेट्टी ने सरकार और चीनी मिल मालिकों को अल्टीमेटम दिया है. शेट्टी ने कहा, “अगर हमारी दिवाली मीठी नहीं होगी, तो आपकी दिवाली भी मीठी नहीं होने देंगे.  कल से चीनी मिल मालिकों के बुरे दिन शुरू होंगे.” मंगलवार को शुरू हुआ यह चक्काजाम आंदोलन बुधवार को भी जारी है. पुणे-बेंगलुरु नेशनल हाईवे पर किणी टोल प्लाजा इलाके में राजू शेट्टी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर रात बिताई.

किसानों की क्यां मांगे हैं?

किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा. स्वाभिमानी शेतकरी संगठन गन्ने की खरीद के लिए 4,500 रुपये प्रति टन के भाव की मांग कर रहा है. इसके अलावा आंदोलनकारी पिछले साल बेचे गए गन्ने के लिए अंतिम भुगतान के रूप मं 500 रुपए की बाकि राशि को किसानों के खाते में  जमा करने की मांग कर रहे हैं.

सुरक्षा के सख्त इंतजाम

बता दें कि प्रदर्शन स्थल पर पुलिस का सख्त पहरा है. राज्य आरक्षित पुलिस बल (SRPF) और दंगा नियंत्रण पुलिस की टुकड़ियों को आंदोलन स्थल पर तैनात किया गया है. इस आंदोलन के कारण आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले 24 घंटों से इस आंदोलन के कारण बीच रास्ते में फंसे हुए हैं. हालांकि, आंदोलनकारी किसान मानवीय आधार पर एम्बुलेंस, बीमार लोगों के वाहनों और स्कूल बसों को हाईवे का इस्तेमाल करने दे रहे हैं.

आज होगी आपात बैठक

वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सातारा और कोल्हापुर के जिलाधिकारियों की आज बुधवार (4 नवंबर) सुबह 11 बजे एक आपात बैठक होनी है. इस बैठक में शामिल होने के लिए चीनी मिलों के अध्यक्ष, कार्यकारी निदेशक और किसानों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है ताकि उनका पक्ष सुना जा सके और एक नतीजे पर पहुंचा जा सके.

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Author: admin

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