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MLC चुनाव: योगी ही बचा पाए किला, नितिन नवीन, फडणवीस-गडकरी और पीएम मोदी के क्षेत्रों में हारी BJP

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यूपी-बिहार के अलावा कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना पूरी हो गई है, इसमें से सिर्फ 1 सीट पर फाइनल परिणाम आना बाकी है. यूपी की 11 सीटों में अबतक 6 पर बीजेपी ने जीत हासिल की है, जबकि 4 सपा जीत चुकी है और 1 पर आगे है. बीजेपी MLC चुनाव में वाराणसी सीट नहीं बचा सकी. एमएलसी चुनाव में पीएम मोदी के अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपना किला नहीं बचा पाए.

बीजेपी के दिग्गजों में एकमात्र योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर से कांटे की टक्कर में बीजेपी जीती. वोटों की गिनती में बड़ा उतार-चढ़ाव होने के बाद बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 307 मतों से हराया. ध्रुव त्रिपाठी को 14,887 वोट, जबकि राजीव यादव को 14,580 वोट मिले.

वाराणसी में दूसरी बार जीती सपा
वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने दूसरी बार जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5015 वोटों से हराया. बीजेपी के प्रमोद मिश्रा को कुल 6597 जबकि लाल बिहारी को 11612 वोट मिले. नितिन नवीन के गढ़ के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नीरज कुमार ने आरजेडी के दिलीप राय को हराया. इस सीट पर नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच कड़ा मुकाबला था.

नागपुर भी हारी बीजेपी
नागपुर से स्नातक विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस नेता अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. इससे पहले दिसंबर 2020 में भी उन्होंने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता था. अभिजीत वंजारी पेशे से अधिवक्ता और शिक्षाविद् हैं और वो लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं. नागपुर आरएसएस का मुख्यालय होने के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का भी गृह क्षेत्र है.

जीत से सपा गदगद
2020 के एमएलसी चुनाव में सपा 3 ही सीटें जीत पाई थी, लेकिन इस बार पार्टी ने आगरा और लखनऊ की स्नातक सीट भी जीत ली है. इस बार सपा 5 सीटें जीतने की ओर है, जिसने बीजेपी को टेंशन बढ़ा दी है. इस जीत से सपा गदगद नजर आ रही है. शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव केवल आम लोगों के नहीं बल्कि शिक्षकों, वकीलो, डॉक्टरों और प्रोफेसरों के वोट बैंक का भी प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में इस बार बीजेपी खेमे में साफतौर पर मायूसी दिखाई दे रही है.

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Author: admin

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