तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें रुकती नजर नहीं आ रही हैं. पार्टी के पूर्व विधायक अजीत मैती को पिंगला पुलिस ने उनके खड़गपुर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने शुक्रवार (25 सितंबर) की सुबह एक्शन लिया और इसके बाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया. अजीत मैत्री को पूर्व बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी भी माना जात रहा है. एबीपी बांग्ला के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी धोखाधड़ी के मामले में हुई है.
अजीत मैती को गिरफ्तारी के बाद डेबरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. उन पर धोखाधड़ी का आरोप है. इसी वजह से गिरफ्तारी की गई है. मैती विधायक के साथ-साथ पश्चिम मेदिनीपुर में टीएमसी के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. पुलिस सूत्रों का आरोप है कि मैती ने पार्टी में पद दिलाने के बहाने गोबिंदा दास नाम के एक तृणमूल कार्यकर्ता से बड़ी रकम ली थी. उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है.
टीएमसी के दो सदस्यों की हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि हाल ही में टीएमसी के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था. दक्षिण-पूर्व कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय पर नियंत्रण को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के बाद बुधवार को पार्टी के ममता बनर्जी नीत गुट के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था. झड़प के बाद तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके कई कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई. हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को झूठा करार दिया.
बता दें कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस आपसी विवाद की वजह से बिखर चुकी है. इसके बाद चुनाव आयोग ने टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दीं. निर्वाचन आयोग ने उसका चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज कर दिया. इसके बाद पार्टी को नया नाम और चुनाव चिन्ह दिया गया. बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने वाले हैं.







