26 अगस्त 2026 सुबह करीब 9 बजे… नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी अचानक उफान पर आ गई. तिब्बत की तरफ से आए पानी के इस राक्षसी रूप ने पलभर में गांव, बाजार, सड़कें, पुल, गाड़ियां और पनबिजली परियोजनाओं को अपने साथ बहा दिया. अब तक 17 से ज्यादा शव बरामद हो चुके हैं, 100 से ज्यादा भारतीय पर्यटकों सहित सैकड़ों लोग लापता हैं और यह तबाही बिहार के रास्ते भारत में भी दस्तक देने को तैयार है. लेकिन अचानक सैलाब क्यों आया और भारत पर असर समेत जानते हैं 10 जरूरी सवालों के जवाब…
सवाल 1: बाढ़ कब और कहां आई?
जवाब: 26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. पानी तिब्बत (चीन) की तरफ से आया और भोटेकोशी नदी में भर गया, फिर यह पानी त्रिशूली नदी में बहता हुआ नीचे की ओर बढ़ा. त्रिशूली आगे चलकर नारायणी और फिर भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है.
सवाल 2: कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
जवाब: सबसे ज्यादा तबाही रसुवा जिले में हुई है. खासतौर पर तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके बुरी तरह तबाह हो गए हैं. तिमुरे का कस्टम परिसर (सीमा व्यापार केंद्र) भी बह गया है. इसके अलावा तिमुरे बाजार पूरी तरह नष्ट हो गया. प्रभावित जिलों की बात करें तो रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में हाई अलर्ट जारी किया गया है. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, गोरखा, नुवाकोट, धादिंग, लमजुंग और तनहुँ जिले भी खतरे की जद में हैं.
सवाल 3: मौतों और लापता लोगों का क्या आंकड़ा है?
जवाब: यह सबसे बड़ा सवाल है और अभी तक कोई अंतिम आंकड़ा नहीं आया है. नेपाल की काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 25 लोगों का रेसक्यू किया गया है. नेपाली मीडिया में 11 मौतों की भी खबर है. यानी, फिलहाल मृतकों की संख्या 8 से 17 के बीच है और यह बढ़ सकती है .
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा लापता लोगों का है. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया कि 291 विदेशी (जिनमें 100 से ज्यादा भारतीय हैं) और 93 नेपाली मिलाकर कुल 384 लोग लापता हैं. इसके अलावा 41 सुरक्षाकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं.
सबसे अहम बात यह है कि अभी नुकसान और लापता लोगों की संख्या का अंतिम आकलन नहीं हुआ है. इस कारण किसी भी आंकड़े को फिलहाल शुरुआती ही मानें.
सवाल 4: बाढ़ कैसे आई और क्या है इसका कारण?
जवाब: नेपाली अधिकारी इस बाढ़ का कारण ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी ग्लेशियर झील के फटने को मान रहे हैं. आसान भाषा में समझें तो- तिब्बत की तरफ बर्फ के पहाड़ों के बीच कोई झील फट गई या बर्फ/मिट्टी का बड़ा हिस्सा खिसक गया. इससे भारी मात्रा में पानी अचानक भोटेकोशी नदी में आ गया.
नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग के मुताबिक, रसुवा में भारी बारिश की वजह से यह बाढ़ नहीं आई. हालांकि, सैटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत की तरफ भारी बारिश दिखी है. नेपाल और चीनी अधिकारी मिलकर सैटेलाइट डेटा की जांच कर रहे हैं. फिलहाल आधिकारिक तौर पर कारण स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है.
सवाल 5: तो क्या चीन इस बाढ़ के लिए जिम्मेदार है?
जवाब: बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से आया है, लेकिन चीन को जिम्मेदार कहना अभी जल्दबाजी होगी.
नेपाली अधिकारी चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ के मूल कारण की जांच कर रहे हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत के ग्यिरोंग (Gyirong) क्षेत्र में बचाव अभियान तेज करने का आदेश दिया है. चीनी मीडिया ने भी ग्यिरोंग में भूस्खलन/बाढ़ से बड़े नुकसान की खबर दी है.
यानी, यह बाढ़ प्राकृतिक आपदा ज्यादा लग रही है, न कि चीन की कोई जानबूझकर की गई कार्रवाई. लेकिन पूरी जांच के बाद ही साफ होगा कि आखिर क्या हुआ.
सवाल 6: बचाव और राहत कार्यों की क्या स्थिति है?
जवाब: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपात बैठक बुलाई और बचाव दल, पुलिस और सेना को तैनात किया है…
- 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं, लेकिन कई जगहों पर पानी का स्तर इतना ऊंचा है कि हेलिकॉप्टर उतर नहीं पा रहे.
- अब तक कम से कम 25 लोगों को बचाया जा चुका है.
- नेपाली सेना ने प्रभावित इलाकों में 2 सर्जन समेत 20 एक्सपर्ट्स डॉक्टर तैनात किए हैं.
- नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होने का आदेश दिया गया है.
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. आपातकालीन नंबरों (+977 985 131 6807, +977 970 910 7500) पर संपर्क किया जा सकता है.
सवाल 7: इस बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है?
जवाब: नुकसान बहुत बड़ा है. फिर भी काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, नुकसान इस प्रकार है:
- इंफ्रास्ट्रक्चर: कई गांव, घर, तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे बाजार, सड़कें, पुल और वाहन बह गए. तिमुरे का कस्टम परिसर भी बुरी तरह प्रभावित है. एक नया बना ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ (नेपाल-चीन कनेक्टिविटी) भी बह गया.
- पनबिजली क्षेत्र: नेपाल ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. यह नेपाल की कुल पनबिजली क्षमता (3.2 गीगावाट) का 12% से ज्यादा है. कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए हैं.
- व्यापार: नेपाल-चीन सीमा व्यापार मार्ग प्रभावित हुआ है. पिछली बार भी ऐसी बाढ़ ने कई महीनों तक व्यापार ठप कर दिया था.
नेपाल में बाढ़ के चलते मची तबाही के बाद बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गई. इसमें बाढ़ के बाद स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए.
सवाल 8: नेपाल की बाढ़ से बिहार में कितनी तबाही की आशंका है?
जवाब: बिहार सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है. आशंका है कि गंडक नदी में अचानक 2 से 3 मीटर ऊंची बाढ़ की लहरें आ सकती हैं. नेपाल में नारायणी और भारत में गंडक कहलाने वाली नदी बिहार में वाल्मीकिनगर बैराज से प्रवेश करती है.






