भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने 19 मई को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानने की कोशिश की थी. हालांकि बसपा चीफ के घर के दरवाजे कांग्रेस नेताओं के लिए नहीं खुले.
अब इस पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है. यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और योगी सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने BSP सुप्रीमो मायावती द्वारा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को बिना मुलाक़ात किए ही वापस लौटा देने के मामले पर कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस की हालत साफ है और पार्टी अपनी जमीन पूरी तरह खो चुकी है. वो सिर्फ फोटो खिंचवाने और समाज में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने गए थे. यह एक ‘फोटो सेशन’ वाली मुलाकात थी. जिस तरह से मायावती ने जवाब दिया, वह इस बात का संकेत है कि कांग्रेस अपना राजनीतिक आधार कितना खो चुकी है.
कांग्रेस नेताओं ने क्या किया?
उधर, मायावती के लखनऊ स्थित आवास पर मंगलवार शाम कांग्रेस के कई नेताओं का बिना तय कार्यक्रम और बिना आधिकारिक अनुमति के पहुंचना विवाद का कारण बन गया है और इस मामले में पार्टी ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है. कांग्रेस नेतृत्व के लिए और अधिक असहज स्थिति इस वजह से बनी कि यह दौरा पार्टी नेता राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा के दौरान हुआ, लेकिन प्रतिनिधिमंडल मायावती से मुलाकात नहीं कर सका.
बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कांग्रेस नेताओं के दौरे पर कहा कि उन्हें कांग्रेस नेताओं के मायावती के आवास पहुंचने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि बहन जी से मिलने कौन गया था. मुझे ऐसे किसी दौरे की जानकारी नहीं है.
मायावती के आवास पहुंचे नेताओं में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और विभाग की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद तनुज पुनिया शामिल थे.








