अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आग जितनी भड़क रही है, सोने-चांदी के दाम में गिरावट भी उतनी ही बढ़ती जा रही है. बीते हफ्ते सीजफायर के ऐलान की वजह से सोने ने रिकवरी हासिल की थी, लेकिन रविवार को अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद सोना-चांदी आज फिर से लुढ़क गया. सोने-चांदी दोनों के दाम में भयंकर गिरावट देखने को मिली है.
सोना-चांदी कितना सस्ता हुआ ?
सोने-चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. शांति वार्ता विफल होने के बाद सोमवार को MCX पर सोने की कीमत -872 (-0.57%) गिरकर 1,51,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए हैं. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी रेटलिस्ट के मुताबिक आज 24 कैरेट वाला सोना गिरकर 1,50,081 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है.IBJA के मुताबिक चांदी 2,753 रुपए घटकर 2.37 लाख रुपए आ गई. MCX सिल्वर 2.18 फीसदी गिरकर 2,37,965 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. इसी तरह से Gold फ्यूचर्स 602 रुपये गिरकर 1,52,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए.
युद्ध के बाद गिरा सोने-चांदी का भाव
सोने की कीमत की तुलना अगर 28, फरवरी जिस दिन ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की शुरुआत हुई, उस दिन से करें तो यह अब तक 11% से अधिक सस्ता हो चुका है. वहीं अगर तुलना उसके ऑल टाइम हाई से करें, तो चांदी अपने ऑल टाइम हाई वैल्यू 4,39,337 रुपये से लगभग 2 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है और सोना अपने ऑल टाइम हाई 2,02,984 रुपये से करीब 51 हजार रुपये नीचे पहुंच चुकी है. 26 जनवरी 2026 को सोना-चांदी दोनों ही अपने ऑल टाइम हाई मूल्य पर पहुंच गए थे.
युद्ध में क्यों इतना सस्ता हो रहा है सोना-चांदी ?
युद्ध और अस्थिरता के बीच सोना अक्सर महंगा होता है. निवेशक सेफ हेवन के तौर पर सोने में निवेश बढ़ाते हैं, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध में ये बिल्कुल उल्टी चाल चल रहा है. सोने की कीमत युद्ध के दौरान लगातार गिरती जा रही है. ग्लोबल मार्केट में अजीब सा उलटफेर देखने को मिल रहा है. कच्चा तेल भाग रहा है, तो सोना-चांदी गिर रहा है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह जियोपॉलिटिकल टेंशन है. कमजोर सीजफायर और मजबूत होते डॉलर के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से सोने में बिकवाली हावी हो रही है. प्रॉफिट बुकिंग के चलते सोना कमजोर हो रहा है. वहीं युद्ध की वजह से इंडस्ट्रियल डिमांड में आई कमी से चांदी को कमजोर किया है.
मिडिल ईस्ट वॉर की वजह से बुलियन मार्केट में अस्थिरता है. महंगाई को लेकर चिंता की स्थिती बनी हुई है. केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद खत्म हो रही है. माना जा रहा है कि तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से वैश्विक केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रख सकते हैं, जिसकी वजह से सोने पर दबाव बना रह सकता है. वहीं युद्ध की वजह से निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना बेचकर लिक्विडिटी रख रहे हैं, ताकि जोखिम से बचा जा सके.
आज सोने-चांदी की रेट क्या है ?
24 कैरेट वाले सोने की कीमत 1,50,081 रुपये प्रति 10 ग्राम.
22 कैरेट वाले सोने की कीमत 1,37,474 रुपये प्रति 10 ग्राम.
18 कैरेट वाले सोने की कीमत 1,12,561 रुपये प्रति 10 ग्राम.
1 किलो चांदी की कीमत 2,37,181 रुपये पर पहुंच गया.
क्या है सोना खरीदने का सही समय ?
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या ये खरीदारी का सही समय है या अभी कीमतों में और गिरावट आएगी. मार्केट एक्सपर्ट मान रहे हैं कि युद्ध को लेकर जारी तनाव और तेल की कीमतों में जारी तेजी के बीच सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है. जानकारों का कहना है कि मौजूदा गिरावट देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए. शॉर्ट टर्म में भले ही सोना निराश कर रहा हो, लेकिन लॉन्ग टर्म में रिटर्न बेहतर रहेगा. ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशक धीरे-धीरे गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं. एक बार में बड़ी रकम लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा कर खरीदारी करें.









