कर्नाटक की सियासत में सत्ता परिवर्तन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब नए कप्तान के रूप में डीके शिवकुमार (DKS) की ताजपोशी की पटकथा पूरी तरह लिखी जा चुकी है. इस बड़े बदलाव के बीच, शुक्रवार को कर्नाटक की राजनीति में एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई. भावी मुख्यमंत्री माने जा रहे डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पांच दशकों के राजनीतिक सफर की जमकर सराहना की. वहीं दूसरी तरफ, बेंगलुरु में पार्टी ने आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि शनिवार (30 मई) को शाम 4 बजे कांग्रेस विधायक दल (CLP) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी.
ईश्वर वरदान नहीं, सिर्फ अवसर देता है: डीके शिवकुमार
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया को एक जननेता और अपना मार्गदर्शक बताया. उन्होंने X पर लिखा कि ईश्वर न तो वरदान देते हैं और न ही अभिशाप. वह केवल अवसर देते हैं. असल बात यह है कि हम उन अवसरों का कैसे उपयोग करते हैं. सिद्धारमैया का जीवन इस विचार का एक बेहतरीन उदाहरण है. मैसूर के एक साधारण से गांव से लेकर मुख्यमंत्री के रूप में कर्नाटक का नेतृत्व करने तक, उनकी यात्रा लचीलेपन, दृढ़ता और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है.
शिवकुमार ने आगे कहा कि 2020 में जब उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (KPCC) की जिम्मेदारी मिली थी, तब से सिद्धारमैया उनके लिए एक मजबूत ‘शक्ति स्तंभ’ की तरह खड़े रहे. सामूहिक नेतृत्व पर जोर देते हुए शिवकुमार ने एक पुरानी कहावत का जिक्र किया कि अगर आप तेज चलना चाहते हैं, तो अकेले चलें. अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं, तो साथ मिलकर चलें. उन्होंने साफ किया कि वे कर्नाटक की तरक्की के लिए सिद्धारमैया के मार्गदर्शन में इस सफर को आगे बढ़ाएंगे.
कल शाम 4 बजे होगी CLP की बैठक
ताजा जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए पुष्टि की कि शनिवार शाम 4 बजे होने वाली कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक महज एक औपचारिकता होगी. पाटिल ने दावा किया कि पार्टी के भीतर के सभी मतभेद और मुद्दे पूरी तरह सुलझा लिए गए हैं और इस बदलाव से कांग्रेस कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत होकर उभरी है. कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि सिद्धारमैया ने आलाकमान के आदेश का सम्मान कर यह साबित कर दिया कि कांग्रेस में ‘हाईकमान’ सर्वोपरि है. उन्होंने भरोसा जताया कि संगठन को मजबूत करने और पार्टी को प्रचंड जीत दिलाने वाले डीके शिवकुमार ही अगले मुख्यमंत्री के रूप में सबसे मजबूत और स्वाभाविक दावेदार हैं.
राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे सिद्धारमैया
सिद्धारमैया के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए मंत्री एचके पाटिल ने एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट की पेशकश की थी, लेकिन इस जमीनी नेता ने उसे विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया. सिद्धारमैया दिल्ली जाकर केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने के बजाय कर्नाटक की मिट्टी और यहां की राजनीति से ही जुड़े रहना चाहते हैं. पाटिल ने साफ किया कि आज की तारीख में भले ही वे मुख्यमंत्री पद से हट रहे हों, लेकिन राज्य की राजनीति और संगठन के भीतर उनके कद के मुताबिक कोई न कोई बड़ा और सम्मानजनक पद जरूर निकाला जाएगा. फिलहाल, राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेशानुसार वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.








