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मुझे कुबूल है…. जंग के बीच महिला ने ईरानी पुलिस अफसर से केवल एक महीने के लिए शादी क्यों की?

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जंग के बीच ईरान के एक पुलिस अफसर की शादी का वीडियो वायरल है. अलबोर्ज प्रांत के इस शख्स ने एक महीने के लिए टेंपरेरी मैरिज की. जिस दिन सीजफायर की घोषणा हुई, उसी दिन रात में इस कपल ने शादी की. पुलिस अधिकारी वर्दी में था और सिर झुकाए बैठा रहा. महिला के चेहरे पर मुस्कुराहट थी, लेकिन लोग बेचैन हैं कि शादी एक महीने के लिए ही क्यों की गई?

वीडियो में देखा जा सकता है कि कपल के ऊपर ईरान का झंडा उठाकर रखा गया था. पीछे काजी माइक से घोषणा करते हैं कि शादी में महिला को दिए जाने वाले मेहर (उपहार) में 1000 डॉलर मूल्य के सोने के सिक्के दिए गए हैं. असल में, इस्लाम में इस तरह का अस्थायी निकाह जायज है. इसे ईरान में ‘सिगेह’ कहते हैं. बाकी देशों में इसके ‘निकाह मुताह’ कहा जाता है. पहले आप वीडियो ध्यान से देखिए.

शियाओं में इस प्रथा के तहत कोई जोड़ा एक निश्चित अवधि के लिए शादी कर सकता है. यह कुछ घंटों से लेकर कुछ वर्षों का टाइम हो सकता है. यह अस्थायी शादी आपसी सहमति से होती है, जिसकी शर्तें पहले से ही तय कर ली जाती हैं. अब आपके मन में सवाल होगा कि जब देश जंग लड़ रहा है, तो पुलिस अधिकारी ने अस्थायी शादी क्यों की होगी? इसकी कई वजहें हो सकती हैं.
1. युद्ध के समय या ऐसे तनावपूर्ण माहौल में ईरान में महिला और पुरुष इस तरह की शादी करते हैं. असल में, ईरान में शादी के बगैर महिला और पुरुष का संबंध बनाना अपराध है. ऐसे में सिगेह ही वह कानूनी तरीका है, जिससे कोई कपल अस्थायी रूप से साथ रह सकते हैं.

2. युद्ध में खासतौर से सैनिक को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है कि जीवित बचेंगे या नहीं? ऐसे में कुछ समय के लिए शादीशुदा जीवन बिताने के लिए यह प्रथा प्रचलित है.

3. ईरान-इराक युद्ध के बाद वहां की सरकार ने युद्ध विधवाओं के बीच सिगेह को बढ़ावा दिया था, जिससे उन्हें आर्थिक और भावनात्मक रूप से सहारा मिल सके.

4. विधवा ही नहीं, आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाएं भी आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय सहायता पाने के लिए अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए विवाह का रास्ता चुनती हैं.

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Author: admin

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