ईरान वॉर की वजह से दुनियाभर में एलपीजी के दाम बढ़ने शुरु हो गए हैं, जो एक बड़ा संकट हो सकता है. स्ट्रैट ऑफ हॉर्मूज के बंद होने की वजह से जहाज फंसे हुए हैं और शिपिंग के दाम बढ़ रहे हैं. ऐसे में दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगर बात करें तो नॉर्वे की तरफ से यूरोप को महंगी गैस बेची जा रही है. अमेरिका समेत अन्य देशों को कनाडा की तरफ से भी तेल और गैस की सप्लाई की जा रही है.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि ईरान वॉर की वजह से देशभर में एलपीजी गैस की भारी किल्लत हो गई है. इसका कारण ये है कि देश में जितना प्रोडक्शन होता है, उसका प्रचास प्रतिशत प्रोडक्शन कम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा सबसे ज्यादा होटल और रेस्टुरेंट के ऊपर पड़ रहा है. इसकी वजह ये है कि होटल और रेस्टुरेंट गैस को स्टोर कर के नहीं रख सकते हैं. रोजाना बेसिस पर गैस की रेस्टुरेंट में सप्लाई होती है. ऐसे में मुंबई में करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा रेस्टुरेंट बंद हो चुके हैं.
ग्लोबल टेंशन की वजह से LPG सप्लाई को लेकर चिंता के बीच अयोध्या में राम मंदिर के पास अमावा मंदिर में राम रसोई किचन ने दूसरा बैकअप ऑप्शन तैयार कर लिया है ताकि भक्तों के लिए फ्री खाना बिना किसी रुकावट के मिलता रहे. मंदिर के अधिकारियों ने इंडिया टुडे को बताया कि अगर LPG सप्लाई कम होती है तो किचन राइस कुकर, इलेक्ट्रिक कुकर, कोयला और लकड़ी जैसे दूसरे ऑप्शन इस्तेमाल कर सकता है. इसका मकसद यह पक्का करना है कि रोजाना भक्तों को खाना मिलना बंद न हो.
अमावा मंदिर की रसोई में हर रोज आमतौर पर लगभग 10000 से 20000 भक्तों के लिए खाना बनता है. हालांकि, गैस की कमी की वजह से भंडारे की समयावधि कम कर दी गई. रिपोर्ट के मुताबिक, पहले यह सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलता था, लेकिन अभी यह सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चल रहा है.
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी के बीच रमजान के मौके पर रेस्टोरेंट्स के मेन्यू से हलीम के गायब होने को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद में कई होटल मालिकों का कहना है कि उन्हें LPG सिलेंडर मिलने में मुश्किल हो रही है, जिससे त्योहारों के दौरान खाना बनाने को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस कमी से हलीम पूरी तरह से मेन्यू से नहीं हटेगा क्योंकि हलीम पारंपरिक रूप से लकड़ी से जलने वाले भट्टों में पकाया जाता है, जिसका मतलब है कि यह LPG पर बहुत ज्यादा निर्भर नहीं करता है. नतीजतन, मौजूदा गैस की कमी से प्रोडक्शन जरूर धीमा पड़ सकता है लेकिन इस डिश को परोसे जाने से रोकने की संभावना नहीं है.
नागपुर में स्कूल वैन ऑपरेटर ट्रांसपोर्ट फीस में कम से कम 15 परसेंट की बढ़ोतरी की योजना बना रहे हैं क्योंकि देश में CNG और LPG की बढ़ती कीमतों से ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ रहा है. स्कूल वैन ओनर्स एसोसिएशन ने कहा कि स्कूल वैन की फीस बढ़ाने को लेकर पदाधिकारियों के आखिरी फैसला लेने के एक हफ्ते के अंदर पेरेंट्स को बता दिया जाएगा. एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अफसर खान ने कहा कि शहर में ज्यादातर स्कूल वैन CNG या LPG पर चलती हैं, जिससे इस पर फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर देखने को मिलता है. उन्होंने कहा, ”ऐसे में हमारे पास कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं है और मुझे उम्मीद है कि पेरेंट्स इसे समझेंगे.”
महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में घरेलू LPG की कमी है. कांग्रेस ने मांग की कि सरकार स्थिति साफ करें और इसे ठीक करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में सदन को बताए. देश में एलपीजी संकट का मामला उठाते हुए, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच खाना पकाने वाली गैस की कमी ने पूरे राज्य में डर और चिंता पैदा कर दी है.
उन्होंने कहा कि सरकार विकास की बात करती है, लेकिन आम लोग इस बात को लेकर परेशान हैं कि गैस की कमी के कारण वे घर पर खाना कैसे बनाएंगे. उन्होंने कहा कि गैस सप्लाई में रुकावट के कारण कई खाने की जगहें बंद हैं. इस दौरान उन्होंने बुधवार को दिन में करीब 1 बजे तक सदन चलने के बावजूद विधानसभा की कैंटीन बंद रहने का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि गैस की कमी के कारण मुंबई और नागपुर में लगभग 30 परसेंट होटल बंद हो गए हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है.









