ईरान में तीन सप्ताह से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी है. इन प्रदर्शनों के दौरान 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है. ये प्रदर्शन देश में बढ़ती महंगाई और करेंसी में गिरावट को लेकर किए जा रहे हैं. इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
US एबेंसी ने जारी की एडवाइजरी
अमेरिकी एबेंसी की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं, जिसके कारण गिरफ्तारियां बढ़ सकती हैं और ज्यादा लोग घायल हो सकते हैं. बताया गया है कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सड़कों के बंद होने के कारण सार्वजनिक परिवहन मिलने में मुश्किलें आ रही हैं.
‘सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की जाने पर विचार करें’
ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है. ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को एयरलाइंस कंपनियां सीमित या रद्द कर रही हैं, जिनमें से कई ने शुक्रवार (16 जनवरी) तक के लिए अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं. एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की निरंतर रुकावटों के लिए तैयार रहना चाहिए और इस दौरान अमेरिकी नागरिकों को कम्युनिकेशन के लिए अन्य वैकल्पिक साधनों को तलाशना चाहिए. आगे कहा गया है कि अगर ऐसा करना सुरक्षित हो तो सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की जाने पर विचार करना चाहिए.
ईरान ने पार की रेड लाइन- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की हत्या को लेकर ईरानी शासन को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान रेड लाइन पार कर गया है. वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी पलटवार किया है. तेहरान का कहना है कि अगर हम पर हमला किया गया तो हम भी चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने अमेरिकी ठिकानों पर हमले की बात कही है. इन सबके बीच इजरायल में भी हाई अलर्ट है.









