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महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ पर सियासत शुरू, शिंदे बोले- हम वर्क फ्रॉम होम नहीं, फील्ड में काम करते हैं

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मुंबई समेत महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ पर अब सियासत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज विधानसभा में ऊद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना कहा कि हम वर्क फ्रॉम होम नही बल्कि फील्ड पर काम करनेवाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है।

पीड़ितों की मदद कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में कहा-राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, इससे जिन लोगों को भी नुकसान हुआ है उनकी मदद की जा रही है। यह सर्व सामान्य की सरकार है इसलिए पीड़ितों को रास्ते पर नहीं छोड़ा जाएगा, जहां भी बाढ़ आई है वहां पर सरकार मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि ये जिम्मेदारी सरकार या किसी परिवार तक सीमित नहीं है। यह पूरे महाराष्ट्र की जनता से जुड़ी जिम्मेदारी है कि पीड़ितों तक मदद पहुंचाई जाए।

पीड़ितों को 10 हजार रुपए की मदद
शिंदे ने कहा कि NDRF राहत और बचाव के काम में लगी है। पीड़ित परिवारों को हम 10 हजार रुपए की मदद दे रहे हैं। अभी टपरी वाले, ठेले वाले लोगों को 50 हजार रुपए तक देने का निर्णय लिया है। हम लोग वर्फ फ्रॉम होम नहीं बल्कि रास्ते पर उतरकर काम करने वाले लोग हैं।

आदित्य ठाकरे ने सीएम शिंदे पर साधा निशाना
वहीं, आदित्य ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई में बाढ़ जैसे हालात हैं लेकिन अब आपदा कंट्रोल रूम में जाकर सिर्फ फोटो शूट ही किया जा रहा है। उन्होने कहा-मुंबई में कई जगहों पर पानी भर जाता था, मॉनसून से पहले जब हमारी सरकार थी तो सभी विभाग एक साथ बैठते थे और योजना बनाते थे, कहां-कहां पानी भरेगा, इसका पता चलता था, हमें पता था कि कितने पंप लगाने हैं। लेकिन अब कंट्रोल रूम में जाकर सिर्फ फोटो शूट होता है।

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Author: admin

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