पंजाब के ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित PGI में हो गया है और अब मानसा में उनका अंतिम संस्कार होगा, जिसको लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन अलर्ट है. परविंदर झोटा 13 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी.
23 दिन तक सरकार और परिजनों के बीच चले गतिरोध के बाद पोस्टमार्टम के लिए परिजन राजी हुए. सरकार पीड़ित परिवार को दो करोड़ का मुआवजा और झोटा की पत्नी को सरकारी नौकरी देगी. इस सहमति के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ था.
13 अक्टूबर को हुई थी हत्या
यहां बता दें कि मानसा के प्रमुख नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. झोटा नशे के खिलाफ लगाता मुहीम छेड़े हुए थे. उनकी हत्या के बाद पूरे पंजाब में विरोध-प्रदर्शन देखने की मिला. परिजन इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए थे.
मुख्य आरोपी गिरफ्तार- सीबीआई करेगी जांच
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया था, उसकी फार्मासिस्ट पंजीकरण भी रद्द कर दिया था. इसके साथ ही विपिन कुमार गर्ग, नीलम रानी और लाडी जैसे अन्य आरोपियों को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
पंजाब सरकार और गृह मंत्री अमित शाह की दखल के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी. करीब 23 दिन तक परिजन अनशन पर बैठे रहे और उसके बाद नवंबर में पहले हफ्ते में आकर सरकार से समझौता हुआ और परिवार अंतिम संस्कार को राजी हुआ.
पंजाब में नशा इन दिनों राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है. आप सरकार के विरोध में बीजेपी पूरे राज्य में नशे के खिलाफ अभियान छेड़े हुए है. इस बीच कांग्रेस की इंसाफ रैली में भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने नशे के लिए भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया.








