राजस्थान के बारां जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे युवा नेता और भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा अब पुलिस के निशाने पर हैं. वन रेंज कार्यालय में मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में फरार चल रहे नरेश मीणा पर बारां पुलिस ने महज 25 पैसे यानी चवन्नी का इनाम घोषित किया है.
पुलिस का कहना है कि यह इनाम आरोपी को पकड़वाने के लिए नहीं, बल्कि उसके सामाजिक और राजनीतिक कद को ठेस पहुंचाने के लिए रखा गया है.
वनकर्मियों से मारपीट का आरोप
मामला एक नवंबर का है. उस दिन नरेश मीणा ने नाहरगढ़ क्षेत्र में लोगों को संबोधित किया था. इसके बाद वे सैकड़ों समर्थकों के साथ नाहरगढ़ रेंज कार्यालय पहुंच गए. आरोप है कि वहां दफ्तर में घुसकर वनरक्षक प्रदीप सिंह और अन्य वनकर्मियों के साथ मारपीट की गई. सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए और वन विभाग की ओर से जब्त किया गया जनरेटर व अन्य सामान जबरन उठाकर ले गए.
बीवीघटना के बाद वनकर्मियों की शिकायत पर नाहरगढ़ थाने में नरेश मीणा और उनके साथियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट और तोड़फोड़ का मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में अब तक कई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी नरेश मीणा अभी भी फरार हैं.
नरेश मीणा को ढूंढने के लिए दबिश दे रही पुलिस
अटरू डीएसपी रामानंद यादव ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. गुरुवार देर रात भी बारां पुलिस ने छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के गुंड़ई गांव स्थित एक फार्म हाउस पर छापा मारा. पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग इधर-उधर हो गए. टीम ने फार्म हाउस और आसपास के इलाके में तलाशी ली और कई लोगों से पूछताछ भी की. हालांकि इस दौरान नरेश मीणा नहीं मिला.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नरेश की गिरफ्तारी के लिए पहले भी कई ठिकानों पर छापे मारे जा चुके हैं और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
आखिर 25 पैसे का इनाम क्यों?
पुलिस के अनुसार, इस तरह का ‘चवन्नी’ का इनाम घोषित करके आरोपी की छवि को जनता के बीच छोटा और हास्यास्पद दिखाना है. पुलिस का उद्देश्य आरोपी को आर्थिक रूप से पकड़वाना नहीं है. इससे पहले भरतपुर पुलिस ने भी एक मोस्ट वांटेड अपराधी को सामाजिक रूप से नीचा दिखाने के लिए इसी तरह 25 पैसे का इनाम घोषित किया था.
फिलहाल, पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है, वहीं समर्थकों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है. नरेश मीणा ने आज यानी 6 नवंबर को शाम 5:00 बजे पुलिस के सामने सरेंडर करने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस के बदले हुए रुख की वजह से उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा.








