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कांग्रेस में 200 नेताओं के सस्पेंशन के बाद कलह शुरू, नेहा बोरा पर भड़के पुराने नेता, BJP ने कसा तंज

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कांग्रेस की जिस रैली में पार्टी ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की थी, अब वही रैली संगठन के भीतर विवाद की वजह बन गई है. मौका देखते ही बीजेपी ने भी पार्टी पर तंज कसा. वहीं कई नेताओं ने नेहा बोरा को मिल रही तवज्जो पर भी सवाल खड़े किए हैं.

बता दें कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी दलों की रैली में शामिल नहीं होने पर युवा कांग्रेस ने आठ राज्यों के करीब 215 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद संगठन के भीतर नाराजगी सामने आने लगी है. मध्य प्रदेश के एक युवा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और पार्टी में अब नेहा बोरा को ज्यादा तवज्जो मिल रही है.

आठ राज्यों के पदाधिकारियों पर कार्रवाई

युवा कांग्रेस ने 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर निलंबित पदाधिकारियों की जानकारी दी है. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई की जद में मध्य प्रदेश के 60, गुजरात के 49, झारखंड के 32, पश्चिम बंगाल के 26, तेलंगाना के 14 और हिमाचल प्रदेश के 13 पदाधिकारी आए हैं. निलंबित नेताओं में पांच उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव भी शामिल हैं. संगठन की ओर से कहा गया है कि अगले नोटिस तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी.

पारिवारिक कारण बताने के बावजूद सस्पेंशन

इस कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश के युवा कांग्रेस नेता रोहित रजोरिया ने नाराजगी जताई है. उन्होंने बताया कि उनके साथी रवीश पाल सिंह अपने चाचा की तेरहवीं में शामिल होने के कारण रामलीला मैदान की रैली में नहीं पहुंच सके थे. इसकी जानकारी भी संगठन को दे दी गई थी. इसके बावजूद उन्हें बिना किसी नोटिस के निलंबित कर दिया गया.

नेहा बोरा पर भड़के नेता

रोहित रजोरिया के मुताबिक, कई अन्य पदाधिकारियों ने भी बीमारी, पारिवारिक कार्यक्रम और शादी जैसे कारणों से रैली में शामिल नहीं हो पाने की जानकारी दी थी. इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पुराने कार्यकर्ताओं को पहले जैसी अहमियत नहीं मिल रही है और अब नेहा बोरा को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है.

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

युवा कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद बीजेपी को भी कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया. बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के अपने ही नेता रैली में शामिल नहीं होना चाहते थे. हालांकि, युवा कांग्रेस की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर संगठन के भीतर उठ रहे सवालों ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

गडकरी बोले- जनता का भरोसा खो चुकी है कांग्रेस

इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा. गुरुवार को नागपुर में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से निराश कांग्रेस देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस विपक्षी दल पर दोबारा भरोसा नहीं करेगी.

गडकरी ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है, जबकि उसके शासनकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया था. उस दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कई लोगों को जेल में डाल दिया गया था. उन्होंने कहा कि राजनीतिक ताकत का दुरुपयोग, भ्रामक प्रचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले करने से कांग्रेस को जनता का समर्थन वापस नहीं मिलने वाला है. गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस नेताओं, खासकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भाषा पर भी आपत्ति जताई.

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