दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन की आंच अब पटना भी पहुंच गई है. नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आइसा के छात्रों के प्रदर्शन में मीडियाकर्मियों पर ही हमला कर दिया गया. आइसा के छात्रों ने मीडियाकर्मियों को कवरेज करने के लिए बुलाया था, लेकिन जैसे ही मीडियाकर्मी वहां पहुंचे, अराजक भीड़ ने हमला कर दिया. किसी के कैमरे तोड़े गए तो किसी की गाड़ी के शीशे तो किसी के कपड़े फाड़े गए. यह सब कुछ किया गया प्रदर्शन की आड़ में. उसके बाद पुलिस ने भी बलप्रयोग किया और लाठीचार्ज के अलावा, वाटर कैनन और आंसूगैस के गोले छोड़े गए.
पटना के जेपी गोलंबर पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. आंसूगैस के गोले भी छोड़े गए. उसके बाद प्रदर्शनकारी तितर बितर होने लगे. हालांकि, दोनों तरफ से झड़प शुरू हो गई, जिसमें गांधी मैदान थाना प्रभारी घायल हो गए और उनके सिर में गंभीर चोटें आई है. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बता दें कि छात्र पेपर लीक मामले में कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजभवन की ओर मार्च कर रहे थे. इस दौरान पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाकर छात्रों को रोका और उनसे वापस लौटने को कहा. हालांकि, छात्रों ने बैरिकेड तोड़ने और आगे बढ़ने की कोशिश की. इस टकराव के दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. साथ ही, लाठीचार्ज भी किया गया.
जी मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार को लगी चोट
इस प्रदर्शन में जी मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत झा पर हमला किया गया. उन्हें चोटें आई हैं. कैमरा मैन पर लात-घूसें से अटैक किया गया है. जी बिहार के स्थानीय संपादक स्वप्निल सोनल की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए हैं. इतना ही नहीं कई अन्य पत्रकार भी घायल हुए हैं. पुलिस बचाव में आईं तो उनपर भी अटैक किया गया. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दिया है और जेपी गोलंबर से आगे बढ़ गए हैं. वे अब डाकबंगला क्रॉसिंग पहुंच गए हैं, जहां पुलिस ने फिर से बैरिकेड लगा दिए हैं. यहां भी भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिसकर्मी वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले लेकर तैयार खड़े हैं.








