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दिल्ली में कृतिका शुक्ला की ससुराल में मौत, रात में मां को फोन कर कहा था ‘मुझे बचा लो’, सुबह आई मौत की खबर

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दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में एक विवाहित महिला की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मृतका कृतिका शुक्ला के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर लगातार प्रताड़ना, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और हत्या तक के गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का दावा है कि मौत से कुछ घंटे पहले ही कृतिका ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर रोते हुए कहा था कि उसे तुरंत मायके ले जाया जाए क्योंकि ससुराल वाले उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं. लेकिन परिवार के दिल्ली पहुंचने से पहले ही अगली सुबह उसकी मौत की खबर आ गई.

परिजनों के मुताबिक 2 जून की रात कृतिका ने अपनी मां को फोन और वीडियो कॉल किया था. उस दौरान वह बेहद डरी हुई और मानसिक रूप से टूटी हुई लग रही थी. परिवार का आरोप है कि कृतिका ने रोते हुए कहा था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे धमका रहे हैं और उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं. मां ने यह बात तुरंत पति और बेटे को बताई. परिवार ने उसी समय फैसला कर लिया कि अगले दिन दिल्ली पहुंचकर कृतिका को हमेशा के लिए अपने साथ वापस ले आएंगे. इसके अगले ही दिन सुबह परिवार को वह खबर मिली जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी. परिजनों को खबर मिली कि कृतिका अब नहीं रही.

बेटी को बचाने निकलने वाले थे, तभी दामाद का फोन आया कि “उसने फांसी लगा ली”

मृतका के पिता श्रीनिवास सीताराम तिवारी ने भरे गले से बताया कि सुबह उनके दामाद हिमांशु उर्फ शिवानंद शुक्ला का फोन आया और कहा गया कि कृतिका ने फांसी लगा ली है. उन्होंने कहा कि यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. वह मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं और तुरंत दिल्ली आने की तैयारी करने लगे. पिता का कहना है कि उन्हें अब तक यह भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया कि रात में आखिर हुआ क्या था. उन्होंने कहा कि बेटी की शादी 2016 में बड़े विश्वास और उम्मीदों के साथ की गई थी, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था.

बेटी रोते हुए अक्सर  करती थी शिकायत

पिता के अनुसार शादी के बाद लगभग हर कुछ दिनों में बेटी को किसी न किसी बात पर ताने दिए जाते थे. कभी घर के काम को लेकर, कभी मायके वालों को लेकर और कभी पैसों को लेकर उसे अपमानित किया जाता था. उन्होंने बताया कि कृतिका कई बार रोते हुए अपनी मां और पिता से शिकायत करती थी, लेकिन भारतीय परिवारों में बेटियों को ससुराल संभालने की सीख दी जाती है, इसलिए वो उसे समझाकर वापस घर बसाने की सलाह देते रहे. पिता ने कहा कि आज उन्हें इस बात का दर्द है कि जिस घर को उन्होंने बेटी का असली घर समझकर उसे सहने की सलाह दी, वहीं से उसकी मौत की खबर आई.

मां का आरोप- “ससुराल वालों ने मेरी बेटी की जिंदगी नर्क बना दी थी”

मृतका की मां ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही बेटी को सास, ससुर, पति और ननदों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जाता था. बात-बात पर उसे नीचा दिखाया जाता था. घर के कामकाज को लेकर उसे अपमानित किया जाता था और नौकरों से भी बदतर व्यवहार किया जाता था.

मां का कहना है कि परिवार ने अपनी हैसियत से बढ़कर शादी की थी. उन्हें लगा था कि शिक्षित परिवार में बेटी खुश रहेगी, लेकिन कुछ ही समय बाद हालात पूरी तरह बदल गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले बड़े ससुर ने बेटी के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की थी. उस समय मामला किसी तरह शांत करा दिया गया, लेकिन बाद में खुद उसके ससुर द्वारा भी कथित तौर पर गलत हरकतें करने की कोशिश की गई. जब कृतिका ने इसका विरोध किया तो उसे और अधिक प्रताड़ित किया गया.

प्रताड़ना से तंग होकर मायके आई थी, फिर भी समझाकर वापस भेज दिया

मां ने बताया कि शादी के करीब दो साल बाद ऐसी घटनाएं हुईं कि कृतिका मजबूर होकर ससुराल छोड़कर मायके आ गई थी. परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा और बेटी का घर बचाने की सोच के कारण उसे समझाता रहा. बीच-बीच में उसे मायके बुलाकर माहौल शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रताड़ना खत्म नहीं हुई. मां का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने कहा कि जिस बात का डर सालों से था, आखिर वही हो गया और उनकी बेटी उनसे हमेशा के लिए दूर हो गई.

दहेज को लेकर भी परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

पिता श्रीनिवास तिवारी ने आरोप लगाया कि शादी के समय उनकी ओर से लगभग तीन लाख रुपये और अपनी क्षमता से अधिक सोना-चांदी दिया गया था. उनका दावा है कि लड़के वालों की ओर से 15 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे पूरा करना उनके लिए संभव नहीं था. उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी छोटी-छोटी रकमों के लिए दबाव बनाया जाता था. कई बार बेटी को पैसों की जरूरत पड़ती थी तो वह अपने मामा या मायके वालों से मदद मांगती थी.

बेटी की अक्स कते थे शिकायत

पिता ने बताया कि ससुराल पक्ष की तरफ से अक्सर शिकायत की जाती थी कि कृतिका कोई काम नहीं करती और दिनभर पड़ी रहती है, लेकिन जब भी परिवार वीडियो कॉल करता था तो कृतिका ज्यादातर रसोई में काम करती हुई दिखाई देती थी. कभी ननद, कभी सास, कभी ससुर और कभी घर का कोई अन्य सदस्य उसे डांटता रहता था. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे परिवार द्वारा लगातार मानसिक दबाव बनाया जाता था.

मौत के बाद भी उठ रहे कई सवाल

एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार परिवार को सबसे ज्यादा संदेह इस बात पर है कि कथित तौर पर महिला के फंदे से लटके होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस या मेडिकल सहायता बुलाने से पहले शव को नीचे उतार दिया गया. परिवार का आरोप है कि इससे घटनास्थल के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं. शिकायत में यह भी मांग की गई है कि मृतका का मोबाइल फोन, आरोपियों के मोबाइल और पति का लैपटॉप जब्त कर साइबर फॉरेंसिक जांच कराई जाए.

पिता की भावुक अपील

दिल्ली पहुंचे पिता ने कहा कि उन्हें अभी तक यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया कब और कैसे हुई. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की है या उसके साथ कुछ और हुआ है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी, लेकिन इतना जरूर है कि वह लंबे समय से भारी मानसिक दबाव में थी. भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी इंसान बिना अत्यधिक पीड़ा के इतना बड़ा कदम नहीं उठाता. उन्होंने दिल्ली पुलिस और देश के लोगों से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है.

पुलिस क्या कह रही है?

ईस्ट दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार रावल के अनुसार 3 जून को न्यू अशोक नगर थाना पुलिस को एक महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव फांसी के फंदे पर नहीं था. पुलिस को मृतका के पति ने बताया कि उन्होंने महिला को बचाने के लिए दरवाजा तोड़कर उसे पंखे से नीचे उतार लिया था और जब कोई हलचल नहीं हुई तो पुलिस को सूचना दी गई.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है और परिजनों को सौंप दिया है. फिलहाल शुरुआती जांच में मामले को आत्महत्या मानकर जांच की जा रही है. हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जांच के घेरे में कई सवाल, जवाब का इंतजार

एक तरफ मायके पक्ष इसे वर्षों की प्रताड़ना और साजिश का परिणाम बता रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार कर रही है. मौत से कुछ घंटे पहले मदद की गुहार लगाने वाली कृतिका अब इस दुनिया में नहीं है. पीछे रह गए हैं दो मासूम बच्चे, टूट चुका एक परिवार और ऐसे कई सवाल जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे.

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Author: admin

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