अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीने से भी ज्यादा समय से जारी संघर्ष के बीच शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की तरफ से की जा रही बिकवाली को माना जा रहा है. भारतीय शेयर बाजार से दूरी बना रहे निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से जारी एमपीसी के नतीजों की घोषणा करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अब सरकारी बॉन्ड में निवेश करने पर विदेशी निवेशकों को किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा. आसान भाषा में समझें तो गवर्नमेंट बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा.
क्या है सरकार का फैसला?
सरकार की तरफ से देश के बॉन्ड मार्केट को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है. नए नियम के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सरकारी बॉन्ड से होने वाली कमाई पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा. आरबीआई ने यह फैसला विदेशी पूंजी को भारत की तरफ आकर्षित करने के मकसद से उठाया है. इससे पहले विदेशी निवेशकों को सरकार बॉन्ड से होने वाली कमाई पर टैक्स देना होता था.
विदेशी निवेशकों को फायदा कैसे होगा?
ग्लोबल मार्केट में हर निवेशक की चाहत होती है कि वो ऐसी जगह निवेश करें, जहां सिक्योरिटी के साथ रिटर्न भी अच्छा हो. देश के सरकारी बॉन्ड को सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसकी गारंटी खुद सरकार देती है. अब नए फैसले के बाद इस पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स फ्री हो गया है. ऐसे में इसका असर विदेशी निवेशकों के प्रॉफिट पर पड़ेगा. इस छूट के बाद विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में ज्यादा से ज्यादा पैसा लगाने के बारे में सोचेंगे.
इंडियन इकोनॉमी को भी फायदा होगा?
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये दोनों को मिलेगा. जब विदेशी निवेशकों की तरफ से देश के सरकारी बॉन्ड खरीदे जाएंगे तो देश में डॉलर का फ्लो बढ़ेगा. आरबीआई का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होने से डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को भी मजबूती मिलेगी. सरकार डेवलपपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से और कम लागत पर फंड जुटा सकेगी. ग्लोबल इंडेक्स (Global Indices) में भारतीय बॉन्ड शामिल होने के बाद से विदेशी निवेशकों की नजर इस पर थी. सरकार के इस कदम से बॉन्ड मार्केट को बूस्ट मिलने के साथ ही इकोनॉमिक ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी.
क्या है एक्सपर्ट की राय?
बाजार से जुड़े जानकारों ने सरकार के इस कदम को भारतीय इकोनॉमी के लिए गेमचेंजर बताया है. कम्प्लीट सर्किल वेल्थ के सीआईओ और मैनेजिंग पार्टनर गुरमीत चड्ढा के अनुसार यह पॉलिसी भारतीय बॉन्ड मार्केट की दिशा बदल देगी. जाने-माने मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने इसे देश की इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए ऐतिहासिक फैसला करार दिया है. उन्होंने 1985 की एनआरआई (NRI) स्कीम का उदाहरण देते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले साढ़े तीन करोड़ भारतीयों को इस फैसले से प्रोत्साहन मिलेगा.
एमपीसी से जुड़ी 5 बड़ी बातें
- एमपीसी ने ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं किया, 5.25% पर ही बरकरार.
- जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया, सीपीआई के अनुमान में भारी बढ़ोतरी.
- वित्तीय वर्ष 2027 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% किया.
- FY 2027 के लिए सीपीआई का अनुमान 5.2% से बढ़ाकर 5.9% किया.
- सरकारी बॉन्ड में कैपिटल गेन टैक्स छूट 1 अप्रैल से लागू की गई.








