महाराष्ट्र में एक महीने से लटका मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत जल्द हो सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शिंदे गुट में सहमति बन गई है. पिछली दो दिनों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने अपने गुट के विधायकों के साथ मैराथन बैठक की है. सबकी रज़ामंदी से मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तैयार किया गया है.
यही वजह है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दो दिनों से दिल्ली का दौरा टल रहा है. बताया जा रहा है कि शिंदे पिछले दो दिनों से अपने विधायकों के साथ वन टू वन बैठक कर रहे थे, जिसमें ये सहमति बनी. सूत्रों के मुताबिक़, शिंदे गुट की तरफ़ से 20 मंत्री पद की मांग की गई थी, जिसके के बाद 15 से 17 मंत्री पद पर बीजेपी हाईकमान देने को राजी हो गई.
तारीख पर मुहर जल्द
एकनाथ शिंदे जल्द ही दिल्ली आएंगे. इसके बाद मंत्रिमंडल की तारीख़ पर मुहर लगेगी. शिंदे गुट से पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री रहे नेताओं को मंत्री पद मिल सकता है. कुछ नए चेहरों को भी मंत्री पद मिलने की जानकारी मिल रही है. जिन विधायकों को मंत्री पद नहीं मिलेगा उन्हें महामंडल (Corporations) में चेयरमैन का पद दिया जाएगा.
एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के सहयोग से 30 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनके साथ देवेंद्र फडणवीस को भी राज्यपाल ने शपथ दिलाई थी. दरअसल, शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 39 विधायकों ने बगावत कर दी थी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार अल्पमत में आ गई थी.
इसी के बाद से ही शिवसेना में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच असली शिवसेना की लड़ाई चल रही है. शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने ‘असली शिवसेना’ के रूप में मान्यता की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग का रुख किया है.









