भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती गिरावट के बाद तेजी लौट आई. सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 681 अंक संभला, जबकि निफ्टी 50 फिर से 22,850 के पार पहुंच गया. सरकारी बैंकों और FMCG कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के फैसले से भी निवेशकों को राहत मिली.
दोपहर 12:01 बजे सेंसेक्स 582.44 अंक यानी 0.79% की बढ़त के साथ 73,828.27 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 50 154.55 अंक यानी 0.68% चढ़कर 22,853.40 पर पहुंच गया. कारोबार की शुरुआत में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट में थे, लेकिन बाद में खरीदारी बढ़ने से उन्होंने नुकसान की भरपाई कर ली. इससे पहले बुधवार, 28 अक्टूबर को सेंसेक्स 352.64 अंक गिरकर 73,246.03 पर और निफ्टी 50 50.90 अंक टूटकर 22,698.85 पर बंद हुआ था.
बाजार में तेजी की 5 प्रमुख वजहें
1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. महंगाई को देखते हुए उसने आगे के फैसलों के लिए आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने का संकेत दिया. ब्याज दरें स्थिर रहने से शेयर बाजार को राहत मिली. हालांकि, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय हैं.
2. विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदारी की. उन्होंने करीब 872 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगभग 643 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. निवेशकों की इस खरीदारी से बाजार को सहारा मिला.
3. India VIX में गिरावट
बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया VIX भी नीचे आया. यह 3.61% गिरकर 15.66 पर रहा. आम तौर पर VIX में गिरावट को निकट अवधि में बाजार की घबराहट कम होने के संकेत के तौर पर देखा जाता है. हालांकि, इससे बाजार में तेजी की गारंटी नहीं मिलती.
4. सरकारी बैंक और FMCG शेयरों में खरीदारी
कारोबार के दौरान सरकारी बैंकों और रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान बनाने वाली FMCG कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली. इन दोनों सेक्टर के निफ्टी सूचकांकों में करीब डेढ़ फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. निजी बैंकों और आईटी शेयरों में भी खरीदारी रही. इसके उलट ऑटो सेक्टर का सूचकांक दबाव में रहा.
5. तकनीकी स्तरों पर बाजार को मिला सहारा
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,650 का स्तर अहम है. इसके ऊपर बने रहने पर बाजार में रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और इंडिया VIX के 15 से ऊपर रहने के कारण निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
Nifty के लिए 22,850 और 23,000 अहम स्तर
बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, अगर निफ्टी 22,830 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो यह 23,000 और फिर 23,175 के स्तर तक जा सकता है. दूसरी ओर, इस स्तर के ऊपर टिकने में नाकाम रहने पर बाजार 22,370 से 22,830 के दायरे में रह सकता है. उनके अनुसार, 22,500 का स्तर तत्काल सपोर्ट की भूमिका निभा रहा है.
कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान ने निफ्टी के लिए 22,850 को तत्काल रेजिस्टेंस बताया है. यानी इस स्तर पर बाजार को आगे बढ़ने में रुकावट मिल सकती है. यदि निफ्टी इसके ऊपर निकलता है, तो 23,000 का स्तर अगला लक्ष्य हो सकता है. वहीं, 22,500 से नीचे फिसलने पर बाजार में कमजोरी बढ़ने की आशंका है.








