पाकिस्तानी हुकुमत दुनिया भर में अपनी किरकिरी करवा रही है. पाकिस्तानी हुकूमत भले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के हाथों में सत्ता का नियंत्रण होने का ढोंग करे लेकिन असल ताकत किसके पास है? यह बात किसी से भी छिपी हुई नहीं है. हर व्यक्ति जानता है कि देश की कमान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के हाथों में है, जिसे पाकिस्तान का अघोषित तानाशाह भी कहा जाता है.
हाल में एक रिपोर्ट आई है, जिसमें पाकिस्तान के अघोषित तानाशाह जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तान के नक्शे को पूरी तरह से बदलने की प्लानिंग कर रहे हैं. इसके तहत देश के चार मुख्य प्रांतों को तोड़कर 12 से 15 छोटे-छोटे राज्य बनाने की प्लानिंग है.
समझिए क्या है मुनीर का नया प्लान?
पाकिस्तान के गठन के बाद से पाकिस्तान के बनने के बाद से देश चार प्रांतों पंजाब, सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बंटा हुआ है. इनमें सबसे बड़ा सूबा पंजाब है, जिसकी आबादी 1.28 करोड़ रुपये है, जो पाकिस्तान की आधी आबादी के बराबर है. वहीं सबसे छोटा राज्य बलूचिस्तान है.
आर्मी चीफ का तर्क है कि प्रांत प्रशासन चलाने के लिए बहुत बड़े है, जिस वजह से देश की हालात खस्ता हालाता है. स्थिति ऐसी है कि महंगाई आसमान छू रही है और विकास दर भारत से आधी है, जिस वजह से इन राज्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना जरूरी है. मुनीर का प्लान है कि सुधार की आड़ में वह फूट डालें और राज करें. एक्सपर्ट के अनुसार, असल मकसद देश का विकास करना नहीं है बल्कि अपनी ताकत को और अधिक मजबूत करना है.
असली निशाने पर पंजाब और सिंध
पाकिस्तान सरकार और मुनीर के निशाने पर पंजाब और सिंध प्रांत को बांटना है. इसकी वजह पाकिस्तान की राजनीति में पंजाब की राजनीति में पंजाब और सिंध ऐसे राज्य हैं, जहां दो पुरानी पार्टियां लंबे वक्त से दबदबे में हैं. मुनीर की आंखों में खटकने वाली बात यह है कि सैन्य तानाशाही के दौर में भी इन सूबों ने सत्ता के खिलाफ एक वैक्लपिक केंद्र के रूप में खुद को बचाया है. यह वजह है कि आसिम मुनीर की नजरें, इन्हीं गढ़ों पर है, जिससे उन्हें तोड़कर उनकी खत्म की जा सके.
मुनीर की बढ़ती तानाशाही कहां तक?
रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर को एक शातिर और बेरहम शासक बताया गया है, जो सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. मुनीर ने PML(N) और PPP के नेताओं को पूरी तरह अपने इशारों पर नचा रखा है, जिस वजह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बेहद कमजोर हो गए हैं. देश के सबसे लोकप्रिय नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डाल दिया गया है. उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचला जा रहा है. टीवी चैनलों पर उनका नाम लेने तक पर बैन है.








