पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक स्थानीय बिजनेसमैन की ओर से 125 साल पुराना ऐतिहासिक गुरुद्वारे को ढहाए जाने की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शेखूपुरा जिले के फरूखाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का हिस्सा गिराए जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ी निंदा की. उन्होंने पाकिस्तान सरकार से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
विवाद बढ़ने के बाद पंजाब (पाकिस्तान) के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने बुधवार (1 जून) को ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ का दौरा किया और इसके फौरन जीर्णोद्धार की घोषणा की. अरोड़ा ने स्थानीय सिखों की शिकायतें भी सुनीं. औकाफ विभाग पाकिस्तान का एक सरकारी विभाग है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की संपत्तियों, न्यासों और पूजा स्थलों की देखरेख, प्रबंधन और सुरक्षा करता है.
क्या बोले अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री?
मीडिया से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि औकाफ विभाग की ओर दी गई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक स्थानीय व्यवसायी ने संबंधित विभाग से एनओसी लिये बिना ही गुरुद्वारे को ढहा दिया था. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मरियम ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और हर परिस्थिति में उनके पूजा स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह समर्पित है.
मंत्री ने औकाफ विभाग को निर्देश दिया कि वह उस जमीन के स्वामित्व और स्थिति की तुरंत जांच करे, जिस पर गुरुद्वारा सिंह सभा स्थित थी. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जानकारी से संकेत मिलते हैं कि यह संपत्ति औकाफ भूमि के रूप में पंजीकृत नहीं थी. मंत्री ने कहा, ‘मैंने व्यक्तिगत रूप से स्थल का निरीक्षण किया है और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
भारत ने PAK को लगाई थी लताड़
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमें पाकिस्तान के फर्रुखाबाद के ऐतिहासिक 125 साल पुराने पवित्र गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को गिराए जाने की बेहद दुखद खबरें मिली हैं. हम इस सम्मानित सिख धार्मिक स्थल के खिलाफ की गई इस बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं.’
‘PAK में अल्पसंख्यकों और धार्मिक स्थलों को बनाया जा रहा निशाना’
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जाना और स्थानीय अधिकारियों या इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई न किए जाने की खबरें बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है. इससे पहले भी धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाए जाने की ऐसी ही कई खबरें सामने आई हैं. पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं जारी हैं.
पाक सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
जायसवाल ने कहा कि हम पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि वह इस मामले की जल्द से जल्द जांच करे और इस शर्मनाक घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे. गुरुद्वारा साहिब के जिन हिस्सों को गिराया गया है, उनका जल्द से जल्द दोबारा निर्माण और बहाली की जानी चाहिए.
बिना NOC लिए ढहाया गुरुद्वारा
पंजाब सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, लाहौर से करीब 70 किलोमीटर दूर फर्रुखाबाद स्थित ऐतिहासिक ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ को हाल ही में एक स्थानीय व्यवसायी ने ध्वस्त कर दिया. अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ को बताया, ‘व्यवसायी ने संबंधित विभाग से जरूरी एनओसी लिए बिना ही गुरुद्वारे को ढहा दिया. संबंधित विभाग ने इस मामले पर तब तक संज्ञान नहीं लिया, जब तक कि क्षेत्र के सिखों ने इसका विरोध नहीं किया.’ उन्होंने बताया कि इलाके में सिख समुदाय के विरोध प्रदर्शन के बाद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस मामले पर संज्ञान लिया है.








