इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में भी 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भारतीय प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. लंबे समय से उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन पहला मुकाबला भी उन्हें बेंच पर बैठकर ही देखना पड़ा. इस बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में लगातार हो रही देरी से युवा बल्लेबाज पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है. उनका कहना है कि जब भी वैभव को मौका मिलेगा, उनसे तुरंत अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद की जाएगी.
सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान गावस्कर ने कहा, ‘जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन पर दबाव पहले से ज्यादा होगा. हालांकि 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता. उन्हें पता होगा कि अगर दूसरे या तीसरे मैच में मौका मिलता है तो उन्हें लगभग तुरंत ही अच्छा प्रदर्शन करना होगा. लेकिन फिलहाल वह टीम के साथ रहकर खुश हैं. भारतीय टीम में कई शानदार और बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उनके बीच रहकर सीखना उनके लिए शानदार अनुभव है.’
वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया था. उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाए थे और टूर्नामेंट के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) भी चुने गए थे. इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें सीनियर भारतीय टीम में जगह मिली. अगर वैभव सीरीज के किसी अगले मुकाबले में डेब्यू करते हैं तो वह पुरुषों के शीर्ष स्तरीय टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे. फिलहाल यह रिकॉर्ड आयरलैंड के जोशुआ लिटिल के नाम है, जिन्होंने 16 साल और 309 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था.
वहीं भारत की सीनियर पुरुष टीम के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड भी वैभव अपने नाम कर सकते हैं. फिलहाल यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने 16 साल और 205 दिन की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था.
उधर पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने सिर्फ 6 रन के स्कोर पर दो विकेट गंवा दिए. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (68) और अभिषेक शर्मा (59) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा.








