आजकल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. साइबर अपराधी दिन पर दिन लोगों को लूटने के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं. साइबर अपराधी ने एक नया तरीका निकाल लिया है जिससे वह साइलेंट कॉल कर ये जानने की कोशिश करते हैं की सामने वाले का नंबर एक्टिव है या नहीं? असल में अपराधी व्यक्ति के नंबर पर अनजान नंबर से कॉल करते हैं फिर सामने वाले का जवाब मिलते ही काट देते हैं.
दरअसल, साइबर अपराधी इस साजिश के द्वारा ये पता करने की कोशिश करता है की सामने वाले व्यक्ति का नंबर एक्टिव है या नहीं. ये पता करने के बाद अपराधी उस व्यक्ति का नंबर अपनी स्कैम लिस्ट में एड कर लेता है, ताकि आगे कोई स्कैम करना हो तो वह उनके साथ कर सकें. इसलिए आज हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देंगे जिससे आपके साथ कोई स्कैम न हो पाएं. आज हम आपको बताएंगे ये स्कैम कैसे होता है और इससे बचने के लिए क्या करें?
कैसे होता है ये स्कैम?
इस स्कैम के बारे में बताया गया है कि किस तरह स्कैमर एक साथ अधिक लोगों को कॉल करते है, क्योंकि वह कॉल करने के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम का इस्तेमाल करते है जिसके द्वारा वह हजारों लोगों को एक साथ कॉल कर सकते हैं. उसके बाद जब सामने वाला कॉल उठा लेता है फिर उसकी कॉल काट दी जाती है ये करके साइबर अपराधी को ये पता चल जाता है की आपका नंबर एक्टिव है. बाद में आपका नंबर उनकी स्कैम लिस्ट में शामिल हो जाता है.
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपके नंबर पर किसी भी अनजान व्यक्ति की साइलेंट कॉल आती है तो उसे तुरंत काट दें, उस कॉल का जवाब न दें. दूसरी बात अनजान और बार-बार आने वाली अनजान नंबर की कॉल को ब्लॉक कर दें.अगर आपके पास सेम नंबर से कॉल आती है तो तुरंत एक्शन लें. उस नंबर को NCRP पोर्टल में ‘Check & Report’ पर जाकर रिपोर्ट कर दें.
स्कैम होने पर क्या किया जाए?
अगर आपके साथ इस प्रकार का स्कैम हो जाता है तो https://cybercrime.gov.in./ पर तुरंत जाकर रिपोर्ट कर दें या फिर 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते है.







