पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. ताजा जानकारी के मुताबिक, दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व प्रत्याशी और इलाके में ‘पुष्पा’ के नाम से मशहूर खौफ का पर्याय बने जहांगीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही जहांगीर खान पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पूरे फलता इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चुनाव के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने जहांगीर खान पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो वह फलता छोड़कर भाग निकला. वह अपनी पहचान छुपाकर भारत-नेपाल सीमा (बॉर्डर) से सटे एक बेहद सुदूर इलाके में जाकर छिप गया था. पुलिस की स्पेशल टीम लगातार उसकी लोकेशन को ट्रैक कर रही थी. जैसे ही उसके नेपाल से सटे इलाके में छिपे होने का पुख्ता इनपुट मिला, पुलिस ने जाल बिछाकर इस मोस्ट वांटेड नेता को धर दबोचा.
जहांगीर खान केवल फलता विधानसभा सीट से टीएमसी का उम्मीदवार ही नहीं था, बल्कि स्थानीय स्तर पर उसकी तूती बोलती थी. इलाके में लोग उसे खौफ का दूसरा नाम और पुष्पा कहकर भी बुलाते थे. चुनाव के दौरान और उसके बाद हुए कई घटना को लेकर पुलिस को उसकी तलाश थी. लेकिन गिरफ्तारी के डर से उसने बंगाल छोड़ दिया था और कानून की नजरों से बच रहा था.
जहांगीर खान की गिरफ्तारी की खबर फलता पहुंचते ही टीएमसी कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. किसी भी तरह के हिंसक विरोध प्रदर्शन या तनाव की आशंका को देखते हुए पूरे फलता क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है. पुलिस अब आरोपी नेता को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कोलकाता लाने और अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है, जहां उससे फरारी के दिनों और उसके करीबियों को लेकर पूछताछ की जाएगी.








