उत्तर भारत के कई इलाके इस समय में तंदूर की भट्टी जैसे लग रहे है. दोपहरे के समय आसमान से आग बरस रही है. लागातार बढ़ती भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं. इस बीच पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी से बचने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी स्थलों की ओर उमड़ रहे हैं. आलम यह है कि शिमला, मनाली जैसे हिल स्टेशनों पर गाड़ियों की लंबी कतार देखने को मिली है. वहीं, जाम के कारण कई लोगों की छुट्टियां वाहन में ही खत्म हो गईं.
शिमला में पर्यटकों की बढ़ी भीढ़
जैसे-जैसे मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ती जा रही है, ठीक वैसे ही शिमला जैसे हिल स्टेशन पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ रही है. पिछले दिनों कुछ इलाकों में भारी जाम की खबरें सामने आई थी. माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों से लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए शिमला का रुख कर रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से 3,70,000 वाहन शिमला पहुंचे हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू से होते हुए वाहन शिमला आए हैं. एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, पर्यटकों की अचानक बढ़ी आमद ने शिमला में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग की समस्या को और भी बढ़ा दिया है.
72 घंटे में 70000 वाहन पहुंचे
हैरान करने वाली बात है कि पिछले एक हफ्ते में 1,54,000 से अधिक वाहन शिमला में प्रवेश किए हैं, जिनमें करीब 70,000 वाहन पिछले 72 घंटों में पहुंचे. इस कारण यातायात व्यवस्था पर भाी दबाव बना है. अधिकारियों के मुताबिक, वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूरे शहर में खास व्यवस्था की गई है. शिमला को कुल पांच जोन में बांटा गया है. सभी जोन में अलग-अलग अधिकारियों को यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
जून में भी टूटेगा रिकॉर्ड
गौरतलब है कि जून में गर्मियों की छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग शिमला पहुंचते हैं. यही कारण है कि प्रशासन अभी से यातायात प्रबंधन पर विशेष बल दे रहा है. अधिकारियों ने बताया कि 31 मई को चल रहे पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा.
सामान्य तौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन का चरम मौसम जून के पहल सप्ताह मे शुरू होता है, लेकिन इस साल पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली सहित उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण अभी से लोग शिमला पहुंचना शुरू हो गए हैं.








