ईरान से जारी जंग के बीच मंगलवार (3 मार्च) को अमेरिका ने कैलिफोर्निया तट पर डूम्सडे बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सांता बारबरा के पास बैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से रात 11 बजे मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई.
यूएस स्पेस फोर्स के मुताबिक जीटी 254 के रूप में जाना जाने वाला ये रॉकेट पश्चिम-मध्य प्रशांत महासागर में मार्शल द्वीप के पास अपने टारगेट पर जाकर गिरा. फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के मुताबिक, मिसाइल को तत्परता और सटीकता सत्यापित करने के लिए दागा गया था.
एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने कहा, “मंगलवार का परीक्षण-प्रक्षेपण नियमित था और कई साल पहले से ही तय था. बता दें कि मिनटमैन III मिसाइल अमेरिका के परमाणु त्रिकोण का एक हिस्सा है. इसमें जमीन, समुद्र और हवा से दुनिया को तबाह करने वाले हथियार को लॉन्च करने की क्षमता है. इसे परमाणु जंग को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है.
कितनी पावरफुल है मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल
मिनटमैन III बैलिस्टिक मिसाइल हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना ज्यादा ताकतवर परमाणु हथियार को ले जाने में सक्षम है. मिनटमैन III अमेरिका की सबसे पुरानी आईसीबीएम है, जो 1970 के दशक से इस्तेमाल हो रही है और ये जमीन से लॉन्च होती है. 13,000 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकती है. इसमें न्यूक्लियर वॉरहेड लगाया जा सकता है, लेकिन इस टेस्ट में कोई हथियार नहीं था.
अमेरिका के पास लगभग 400 ऐसी मिसाइलें हैं, जो रूस और चीन जैसे देशों के खिलाफ रक्षा का हिस्सा हैं. यह मिसाइल मिनटमैन नाम से इसलिए जानी जाती है क्योंकि यह 1 मिनट में तैयार हो जाती है. अमेरिका 2030 तक इसे नई मिसाइल से बदलने की योजना बना रहा है, लेकिन तब तक ये टेस्ट जारी रहेंगे.
अमेरिकी अधिकारी ने क्या बताया
576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने कहा कि इस टेस्ट से मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता का अंदाजा लगाने में मदद मिली. उन्होंने बताया कि ऐसे परीक्षणों से देश की परमाणु शक्ति के जमीनी हिस्से को और मजबूत किया जा सकता है.









