जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग ने गुरुवार को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दे दी है. इस परिसीमन रिपोर्ट के तहत आयोग ने राज्य में कुल सात विधानसभा सीटें बढ़ाने की सिफारिश की है. इसके तहत कश्मीर क्षेत्र में 47 और जम्मू क्षेत्र में 43 विधानसभा सीटें होंगी. आयोग के प्रस्ताव के बाद जम्मू-कश्मीर में कुछ 90 विधानसभा सीटें होंगी. इस पर पीडीपी की चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आयोग बीजेपी का एक्सटेंशन है और इस पर हमें भरोसा नहीं है. इस बीच केंद्र ने परिसीमन आयोग की सिफारिशों के आधार पर अधिसूचना जारी कर दी है.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि देश में आज धीरे-धीरे 1947 जैसे हालात बनते जा रहे हैं. यह बहुत ही खतरनाक है. यह सभी धर्मों के लिए एक कॉमन राष्ट्र है, इसकी सुंदरता इस भाईचारे में है. अगर भाजपा इसे अपने एजेंडे के अनुसार चलाती है, संविधान के अनुसार नहीं तो आने वाले समय में कोई भी सुरक्षित नहीं होगा.
महबूबा मुफ्ती ने आयोग की सिफारिशों को खारिज करते हुए कहा कि आबादी की स्थिति को दरकिनार करते हुए अपने मन के माफिक सीमाओं में बदलाव किया गया है. यह परिसीमन, अनुच्छेद 370 हटाए जाने की बाद की प्रक्रिया का हिस्सा है. इसमें प्रयोग किया गया है कि कैसे जम्मू-कश्मीर के लोगों को कमजोर किया जाए. इसके अलावा कुछ भी नहीं है.









