पंजाब नेशनल बैंक के हजारों करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी कर भारत से भागे आरोपी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. डोमिनिका (Dominica) की सरकार ने चोकसी को अपने देश में घुसा ‘प्रतिबंधित आप्रवासी’ (Prohibited Immigrant) घोषित कर दिया है.
‘पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन किया’
डोमिनिका के गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, मेहुल चोकसी ने देश के पासपोर्ट और इमिग्रेशन एक्ट का उल्लंघन किया. वह गलत तरीके इस्तेमाल करके देश में घुसा. इसलिए उसे पासपोर्ट एक्ट के तहत ‘प्रतिबंधित आप्रवासी’ घोषित कर दिया गया है.
बताते चलें कि मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) के वकील विजय अग्रवाल ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि उनका मुवक्किल डोमिनिका में गलत तरीके से नहीं घुसा है. वकील ने यह भी कहा था कि डोमिनिका की सरकार ने उसे ‘प्रतिबंधित आप्रवासी’ (Prohibited Immigrant) घोषित नहीं किया है. इसलिए चोकसी को अरेस्ट करके नहीं रखा जा सकता.
चोकसी के अपहरण से इनकार
वहीं चोकसी को कथित रूप से अपहृत कर एंटीगुआ के डोमिनिका (Dominica) लाने के आरोप से गुरजीत भंडाल नाम के व्यक्ति ने इनकार किया है. गुरजीत ने कहा कि उसने 23 मई की सुबई कैरीबियन आईलैंड को छोड़ दिया था. इस बात को सब जानते हैं. गुरजीत ने कहा कि 23 मई की शाम को चोकसी का अपहरण कर डोमिनिका लाने का आरोप एकदम गलत है. इसमें कोई सच्चाई नहीं है.
बताते चलें कि अपने वकील के जरिए एंटिगुआ पुलिस को भेजी शिकायत में मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) ने दावा किया था कि वह 23 मई की शाम को अपनी फ्रेंड Barbara Jabarica से मिलने उसके घर गया था. उसी दौरान वहां पहुंचे 7-8 लोगों ने उसका अपहरण कर लिया. चोकसी का आरोप है कि इस मामले में Barbara Jabarica, गुरजीत भंडाल समेत कई लोग जुड़े हुए हैं. उसने इस मामले में गुरमीत सिंह, नरेंद्र और कुछ अन्य अज्ञात लोगों पर भी आरोप लगाया है.
डोमिनिका की जेल में बंद है चोकसी
फिलहाल मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) डोमिनिका (Dominica) की जेल में बंद है. वहां की कोर्ट ने प्रत्यर्पण किए जाने की भारत की मांग पर चोकसी को अंतरिम राहत दे दी है. जिससे यह मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझ गया है. जानाकारी के मुताबिक मेहुल चोकसी 23 मई की शाम को एंटीगुआ और बरबूडा (Antigua and Barbuda) से लापता हुआ था. उसके 3 दिन बाद वह डोमिनिका में दिखाई दिया.









