इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार (1 नवंबर) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रैली रखी थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को भाषण देने का मौका मिला, लेकिन कुछ बड़े नेता ऐसे भी रहे जिन्हें भाषण देने का मौका नहीं मिला. इस लिस्ट में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और शिवसेना के संजय राउत भी शामिल हैं. भारतीय जनता पार्टी ने इस पर तंज भी कसा है.
इंडिया गठबंधन की रैली में समय की कमी की वजह से प्रियंका गांधी को मंच से भाषण देने का मौका नहीं मिला. हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से भी कोई नहीं बोल सका. वहीं शिवसेना नेता संजय राउत और सुप्रिया सुले भी इस लिस्ट में शामिल रहीं. इन्हें भी भाषण का मौका नहीं मिला. योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण समेत कई सिविल सोसाइटी के लोग भी अपनी बात नहीं रख सके.
अजय माकन ने स्टेज से क्यों मांगी माफी
इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान कांग्रेस नेता अजय माकन ने जो लोग नहीं बोल पाए, उनसे माफी भी मांगी. उन्होंने स्टेज से कहा, ‘मैं माफी चाहता हूं, हमारे बीच में और राष्ट्रीय पार्टी के साथ मौजूद हैं, इंडिया गठबंधन के नेता बोल चुके हैं.’ इसके बाद राहुल गांधी को भाषण के लिए आमंत्रित किया गया.
भाजपा का कांग्रेस पर तंज
भारतीय जनता पार्टी ने प्रियंका गांधी को लेकर तंज कसा. प्रियंका को बोलने का मौका नहीं मिला था. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा दावा किया कि राहुल और प्रियंका में मतभेद हो चुके हैं और इसी वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला. इंडिया गठबंधन की इस रैली में कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भाषण दिया था. इसी वजह से प्रियंका को समय की कमी की वजह से मौका नहीं मिल पाया.








