Search
Close this search box.

पाकिस्तान में फिर हैवानियत, जला दिए ईसाई फैमिली के घर-दुकान, गांव छोड़कर भागे 35 परिवार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. यहां पंजाब प्रांत में एक मुस्लिम भीड़ ने ईसाई समुदाय के एक शख्स के घर और दुकान में आग लगा दी. इस घटना के बाद 35 से ज्यादा ईसाई परिवार अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. हिंसा के के चलते पूरे इलाके में डर का माहौल है.

‘क्रिश्चियन डेली इंटरनेशनल-मॉर्निंग स्टार न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार ( 9 अक्टूबर 2026) को दर्जनों मुसलमान कामरान मसीह की दुकान और उससे सटे घर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए, जिसके बाद भीड़ में से कुछ लोगों ने दोनों इमारतों में आग लगा दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने गुरुवार ( 8 अक्टूबर 2026) की रात कामरान मसीह को गिरफ्तार कर लिया.

खौफ के मारे घर छोड़कर भागे ईसाई  

40 साल के मसीह 3 बच्चों के पिता हैं और पंजाब के शेखूपुरा जिले के घरियाल कलां गांव में एक छोटी सी फार्मेसी चलाते हैं. स्थानीय मुसलमानों ने उन पर व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा का वीडियो शेयर करने का आरोप लगाया. रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मसीह की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके परिवार और अन्य ईसाई भीड़ के हमले के डर से गांव छोड़कर भागने लगे.’

मसीह के रिश्तेदारों और अन्य सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों की किन धाराओं के तहत उन पर कार्रवाई की गई है.

अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार 

घटना को लेकर शेखूपुरा डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ के ऑफिस के एक अधिकारी ने बताया कि ईसाई लोगों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए गांव में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और जांच जारी है. बता दें कि मानवाधिकार संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने बार-बार पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों की आलोचना की है और चेतावनी दी है कि इनका इस्तेमाल व्यक्तिगत झगड़ों और अन्य विवादों में किया जा सकता है और इनसे धार्मिक अल्पसंख्यकों पर असमान रूप से प्रभाव पड़ा है.

अल्पसंख्यकों के खिलाफ दर्ज झूठे केस 

हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक संसदीय समिति को बताया कि पिछले 5 सालों में देश के 4 प्रांतों में दर्ज किए गए 333 ईशनिंदा मामलों में से अधिकतर झूठे थे. समिति के सामने पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि पंजाब प्रांत में ईशनिंदा कानून की धारा 295C के तहत सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जहां पिछले 5 सालों में 116 मामले दर्ज किए गए हैं.

admin
Author: admin

और पढ़ें