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अतीक अहमद के बेटों को मिली पैरोल, छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की HC ने सख्त शर्तों पर दी इजाजत

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 कभी उत्तर प्रदेश की सियासत में असर रखने वाले साबिक रुक्न पार्लियामेंट अतीक अहमद के परिवार पर एक और गहरा सदमा टूटा पड़ा है. गुरुवार (6 अगस्त) को सड़क हादसे में उनके छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई. अब जेल में बंद उनके दो भाइयों को अंतिम रस्म में शामिल होने की इजाजत मिल गई है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अतीक अहमद के बेटों मोहम्मद उमर और अली अहमद को पुलिस निगरानी और कड़ी सिक्योरिटी के बीच अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की इजाजत दी है. दोनों भाई आज शनिवार (8 अगस्त) को प्रयागराज में होने वाली अंतिम रस्म में शरीक हो सकेंगे.

इस मामले में याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट सैयद सफदर अली काज़मी ने बताया कि अदालत में एक अर्जी दाखिल कर अली अहमद और मोहम्मद उमर को अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की इजाजत मांगी गई थी. अर्जी में यह भी कहा गया था कि दोनों को इलाहाबाद में पुलिस की निगरानी और सिक्योरिटी के बीच अंतिम रस्म में शामिल होने की इजाजत दी जाए.

“सिक्योरिटी में सीनियर अधिकारियों को तैनात करने का हुक्म”
अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को हुक्म दिया है कि उनकी सुरक्षा और निगरानी के लिए एक सीनियर पुलिस अफसर को तैनाती किया जाए. अदालत ने साफ किया कि दोनों भाइयों को पुलिस सिक्योरिटी के बीच जेल से लाया जाएगा और आखिरी रस्म पूरी होने के बाद उन्हें वापस उनकी-अपनी जेलों में पहुंचाया जाएगा.

जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने मोहम्मद उमर और अली अहमद को इस मौके पर जेल से बाहर आने की इजाजत दी. अदालत ने दोनों को अपने छोटे भाई एहजम अहमद और बुआ परवीन कुरैशी से भी मुलाकात करने की इजाजत दी है. यह मुलाकात किस जगह होगी, इसका फैसला राज्य के अधिकारी करेंगे.

उमर-अली की पैरोल को लेकर HC की सख्त शर्तें
अदालत के आदेश के मुताबिक, आखिरी रस्म और परिवार के चार सदस्यों की मुलाकात पूरी होने के बाद पुलिस अधिकारी दोनों को दोबारा उनको संबंधित जेलों में लेकर जाएंगे. इस दौरान उनकी सरगर्मियों को लेकर भी अदालत ने कुछ पाबंदियां तय की हैं.

मोहम्मद उमर और अली अहमद इस दौरान किसी भी सभा को खिताब नहीं कर सकेंगे. उन्हें मीडिया से बातचीत करने की भी इजाजत नहीं होगी. इसके अलावा वे अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्म के अलावा किसी दूसरी जुलूस या जलसे में शामिल नहीं हो सकेंगे, यानी जेल से बाहर आने का यह मौका सिर्फ अपने छोटे भाई की अंतिम रस्म और परिवार से मुलाकात तक महदूद रहेगा.

सड़क हादसे में मरहूम अतीक अहमद के बेटे की मौत
बता दें, अबान अहमद और उनके दोस्त सोनू की 6 अगस्त एक सड़क हादसे में मौत हो गई. यह हादसा झांसी के पूंछ थाना इलाके में स्टेट हाइवे पर हुआ था. हादसे में तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर सड़क किनारे बने डिवाइडर से जा टकराई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि अबान अहमद और उनके साथी सोनू को गंभीर चोटें आईं. दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार की वजह से ड्राइवर ने कार से कंट्रोल खो दिया, और गाड़ी सड़क के किनारे बने डिवाइडर से टकरा गई. इस हादसे में अबान अहमद और उनका साथी सोनू गंभीर रूप से जख्मी हुए थे. दोनों की हालत नाजुक थी और बाद में उनकी मौत हो गई. हादसे में तीन दीगर लोग भी संगीन रूप से जख्मी हुए हैं.

 

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