पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि मौजूदा सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है. अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए तो PAK को बड़े जनआंदोलनों और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है. एक प्रोग्राम में नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चाहे कोई माने या न माने, देश का सिस्टम पूरी तरह ढह चुका है और केवल चर्चा करने से स्थिति में बदलाव नहीं आने वाला.
PAK के गृह मंत्री ने कहा कि वह लोकतंत्र के समर्थक हैं और हमेशा रहेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी प्रशासन और जवाबदेही भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में भी वही समस्याएं बनी रहेंगी, जिनका सामना आज देश कर रहा है. नकवी ने खास तौर पर युवाओं की बढ़ती नाराजगी का जिक्र किया. उन्होंने CJP आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि आज के युवा केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे रोजगार, पारदर्शिता, बेहतर शासन और बुनियादी सुविधाओं जैसी मांगों को लेकर अधिक जागरूक और सक्रिय हो रहे हैं. उनके अनुसार, दक्षिण एशिया के कई देशों में युवाओं की भागीदारी राजनीतिक और सामाजिक बदलाव का प्रमुख कारण बन रही है.
युवाओं की उम्मीदों को नजरंदाज करना गलत- नकवी
नकवी ने हुक्मरानों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर संसाधन खर्च किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद आम लोगों को सही ढंग से आर्थिक स्थिरता और सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा पातीं. इससे जनता और विशेषकर युवाओं में असंतोष बढ़ता है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शासन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो राजनीतिक व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और कमजोर हो सकता है. उनके अनुसार, युवाओं की उम्मीदों को नजरंदाज करना किसी भी देश के लिए लंबे समय तक नुकसानदायक साबित हो सकता है.
व्यवस्था में सुधार के लिए करने पड़ेंगे काम- नकवी
मोहसिन नकवी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान आर्थिक चुनौतियों, राजनीतिक तनाव और प्रशासनिक सुधारों की मांगों का सामना कर रहा है. गृह मंत्री ने आखिर में कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राजनीतिक नेतृत्व, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर व्यवस्था में सुधार के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे.








